बिहार में मां के दूध में यूरेनियम मिलने के दावे वाली रिपोर्ट के आधार पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में चल रही सुनवाई का दायरा अब दिल्ली के भूजल तक बढ़ गया है। इस मामले में NGT ने दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (DPCC) और दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग को भी अब पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी कर दिया है।
ब्रेस्ट मिल्क में यूरेनियम के केस की चल रही थी सुनवाई
NGT की प्रिंसिपल बेंच के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर डॉ अफरोज अहमद मामले की सुनवाई कर रहे हैं। रिपोर्ट में मां के दूध (ब्रेस्ट मिल्क) में यूरेनियम पाए जाने का दावा किया गया था। सुनवाई के दौरान NGT ने 28 नवंबर 2025 में सामने आई इस रिपोर्ट का संज्ञान लिया।
83 नमूनों में से 24 में ज्यादा मिली यूरेनियम की मात्रा
इसमें सेंट्रल ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी (CGWB) की सालाना भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट-2025 के हवाले से बताया गया था कि दिल्ली में जांच किए गए 83 भूजल नमूनों में से 24 में यूरेनियम की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। यह कुल सैंपलों का लगभग 13 से 15 प्रतिशत है। रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान के कुछ हिस्सों और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में भूजल में यूरेनियम की मात्रा ज्यादा पाई गई है। हालांकि कुछ सीमित और स्थानीय क्षेत्रों में 30 पीपीबी (पार्ट्स पर बिलियन) की अनुमेय सीमा से अधिक यूरेनियम पाया गया था। NGT ने उस मामले में बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए थे। अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
CGWB को नोटिस जारी
CGWB ने इसकी वजह वहां की जमीन और चट्टानों की बनावट, भूजल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल और जमीन के नीचे पानी जमा रहने वाली परतों (एक्विफर) की खास बनावट को बताया है। इन तथ्यों को देखते हुए NGT ने DPCC के मेंबर सेक्रेटरी, दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को इस मामले में प्रतिवादी के रूप में शामिल किया है। इन्हें नोटिस जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लें। बेंच ने बिहार के भूजल में यूरेनियम की मौजूदगी से जुड़े अपने पुराने आदेश का भी उल्लेख किया है। उस मामले में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, CGWA और बिहार सरकार के अधिकारियों की संयुक्त समिति ने रिपोर्ट में बताया था कि बिहार के भूजल स्रोतों में यूरेनियम की मात्रा सामान्य प्राकृतिक स्तर के भीतर है।

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