अब इन लोगों को नहीं देना होगा इनकम टैक्‍स : बजट 2023 में एक साल और बढ़ा टैक्स हॉलिडे :


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को संसद में बजट पेश करते हुए स्टार्टअप्स को बड़ी राहत देते हुए उनके लिए टैक्‍स हॉली डे यानी टैक्स माफी की अवधि एक साल और बढ़ाने का ऐलान किया है. 

सरकार की ओर से स्टार्टअप्स के लिए आयकर लाभ प्राप्त करने की तारीख को 31 मार्च, 2024 तक बढ़ा दिया गया है. पहले स्टार्टअप्स के लिए यह कर-अवकाश केवल मार्च 2023 तक ही उपलब्ध था, जिसकी घोषणा बजट 2022 में की गई थी. केंद्र सरकार की स्टार्टअप टैक्स हॉलिडे पॉलिसी के तहत मिलने वाली यह छूट 2017 के बाद लॉन्च किए गए स्टार्टअप्स के लिए लागू होगी.

संसद में अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा, "मैं स्टार्टअप्स के लिए आयकर लाभों की तिथि को 31.03.23 से बढ़ाकर 31.3.24 करने का प्रस्ताव करती हूं। मैं आगे का लाभ प्रदान करने का प्रस्ताव करती हूं।" 

सीतारमण ने कहा कि देश के आर्थिक विकास के लिए नए उद्योगों को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है. इसीलिए सरकार ने स्टार्टअप के लिए कई उपाय किए हैं, जिसके सकारात्मक नतीजे देखने को मिल रहे हैं. भारत अब विश्व स्तर पर स्टार्टअप के लिए तीसरा सबसे बड़ा इको सिस्‍टम बन चुका है, और उद्योगों में इनोवेशन को बढ़ावा देने के मामले में हम दूसरे स्थान पर हैं. 

इससे पहले मोदी सरकार ने स्टार्टअप कंपनियों को राहत देते हुए 2020-21 के बजट में कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजनाओं यानी ESOPS पर टैक्‍स को 48 महीनों के लिए स्थगित करने की घोषणा की थी. साथ ही इन कंपनियों को शुरुआती सात साल बजाय पहले 10 वर्षों में कभी भी 3 वर्ष  का टैक्‍स हॉलीडे लेने की अनुमति दी थी. इसके तहत, स्टार्टअप कंपनियों अपनी शुरुआत के पहले 10  वर्षों में से लगातार तीन वर्षों तक किए गए मुनाफे पर 100 प्रतिशत कर छूट की सुविधा दी गई थी. हालांकि इसके लिए शर्त यह रखी गई थी कि उनका वार्षिक कारोबार किसी भी वित्तीय वर्ष में 25 करोड़ रुपये से अधिक न हो.

भारत की अर्थव्यवस्था को  5 ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार स्टार्टअप्स कंपनियों को बढ़ावा देने की नीति पर चल रही है. सरकार ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। इनमें 16 जनवरी 2016 को स्टार्टअप इंडिया पहल मोदी सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है. इसके तहत सरकार ने स्टार्टअप को पूंजी प्रदान करने के लिए फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स यानी FFS और स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम यानी SISFS के लिए फंड ऑफ फंड्स शुरू किया था. 

945 करोड़ रुपये की SISFS स्‍कीम अप्रैल 2021 में शुरू की गई थी, जिसका मकसद स्टार्टअप्स को अपने विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है. सरकार ने पिछले बजट में SISFS के लिए 283.5 करोड़ रुपये दिए थे, जो कि 2021-22 के बजट से लगभग 100 करोड़ रुपये अधिक था.  इसके अलावा 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्थापित FFS के लिए सरकार ने पिछले साल बजट में 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए थे.


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