अपने मजबूत तालों के लिए दुनिया भर में मशहूर उत्तर प्रदेश शहर अलीगढ़ (Aligarh) ने अब अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण के नक्शे पर अपनी एक नई पहचान बना ली है।यहां के शेखा पक्षी विहार (Shekha Bird Sanctuary) को अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट का दर्जा मिल गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने उत्तर प्रदेश के 'शेखा झील पक्षी अभ्यारण्य' को 'रामसर स्थल' का दर्जा दिए जाने की घोषणा की। इसके चलते अब प्रवासी पक्षियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन चुकी इस बर्ड सेंक्चुअरी को "अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि" के रूप में वैश्विक स्तर पर संरक्षण और प्रबंधन के लिए सहायता प्राप्त होगी। इसके साथ ही यह उत्तर प्रदेश का 12वां रामसर स्थल बन गया है। इससे अलीगढ़ में र्यावरण-पर्यटन (Eco-tourism) और स्थानीय रोजगार को भी नई उड़ान मिलने की उम्मीद है।
बीते सप्ताह राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण द्वारा तैयार की गई रामसर सूचना पत्रक (आरआईएस) के आधार पर यह प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इसी के तहत रामसर सचिवालय ने शेखा पक्षी विहार को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि घोषित कर दिया है। इससे पहले 31 जनवरी, 2026 को एटा जिले के पटना पक्षी विहार को भी रामसर साइट घोषित किया गया था।
इसके साथ ही देश में कुल रामसर स्थलों की संख्या 99 हो गई है, जबकि 12 स्थलों के साथ उत्तर प्रदेश इस सूची में दूसरे स्थान पर है। इन सभी का कुल क्षेत्रफल 39,914.27 हेक्टेयर है, जो प्रदेश के कुल आर्द्रभूमि क्षेत्र का लगभग 3.21 प्रतिशत है। रामसर स्थलों के मामले में तमिलनाडु देश में पहले नंबर पर है, जहां सबसे अधिक 20 रामसर साइटें हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार शेखा पक्षी विहार को अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट का दर्जा मिलने से न केवल जैव विविधता और प्रवासी पक्षियों का संरक्षण मजबूत होगा, बल्कि जल सुरक्षा, पर्यावरण संतुलन और स्थानीय समुदायों की आजीविका को भी नया संबल मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह स्थल पारिस्थितिकी संतुलन को सुदृढ़ करने के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और पर्यटन के नए अवसर भी पैदा करेगा। राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
अलीगढ़ का यह पक्षी विहार देश-विदेश के हजारों पक्षियों का मौसमी आशियाना बन चुका है। शेखा पक्षी विहार (शेखा झील) लगभग 25 हेक्टेयर (लगभग 62 एकड़) के क्षेत्र में फैली हुई है। यह एक ताजे पानी की झील है जो अपर गंगा नहर के पास स्थित है। यह देश की चुनिंदा आर्द्र भूमियों में शामिल है।
रामसर साइट का दर्जा मिलने से अब इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होगी। यह अभयारण्य संकटग्रस्त प्रजातियों और प्रवासी पक्षियों का महत्वपूर्ण आश्रय स्थल है, जो राज्य की जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देता है। यहां का प्राकृतिक वातावरण विदेशी पक्षियों को भी प्रवास के लिए आकर्षित करता है।

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