राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से देश में दो दशक से चल रही ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा को खत्म किए जाने के बीच बिहार की एक स्वयं सेवी संस्था ने गांधी जी के योगदान और स्मतियों को लोगों को जीवंत रखने का बीड़ा उठाया है। यह काम होगा देशभर में गांधी जी से जुड़े स्थानों पर ‘गांधी स्मृति यात्रा' निकाल कर। इसकी तैयारियों को लेकर 19 दिसंबर को बिहार की राजधानी पटना स्थित आर्थिक अध्ययन संस्थान में एक बैठक का अयोजन किया गया। बैठक में 18 जनवरी 2026 से गांधी स्मृति यात्रा का अगला चरण शुरू करने का निर्णय लिया गया।
आर्थिक अध्ययन संस्थान के निदेशक डॉक्टर प्यारेलाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में गांधी स्मृति यात्रा के यात्रीदल के सदस्य प्रोफेसर मनोज कुमार, बिहार सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष चंद्रभूषण, राजीव कुमार(ADR) की उपस्थिति में हुई। जबकि, आरा से सर्व सेवा संघ के मंत्री विजय कुमार, पटना से प्रमोद शर्मा और भागलपुर से दिशा ग्रामीण विकास मंच के सचिव डॉ. मनोज मीता ने ऑनलाइन जुड़ कर चर्चा में भाग लिया।
गांधी स्मृति यात्रा के कार्यक्रम पर चर्चा से पहले प्रोफेसर मनोज कुमार ने बताया कि गांधी जी की बिहार से जुड़ी स्मृतियों और गतिविधियों से जुड़ी पुस्तक ‘बिहार में गांधी’ पुस्तक की पांडुलिपि को का सदस्यों के अवलोकन के बाद प्रकाशक के पास भेज दिया गया है। जल्द ही यह छपकर आ जाएगी। इसके बाद शृंखला को आगे बढ़ाते हुए भारत आगमन के बाद गांधी जी की विदेश यात्रा, गोलमेज सम्मेलन में उनकी भागीदारी और पाकिस्तान, बांग्लादेश और रंगून (बर्मा) में उनकी यात्राओं, आंदोलनों और संस्मरणों पर अलग पुस्तक प्रकाशित कराई जाएगी। चर्चा मं सदस्यों ने कहा कि देश में गांधी-नेहरू पर तरह-तरह के निराधार लांछन लगा कर और झूठी बातें फैलाकर स्वतंत्र भारत के दोनों अग्रणी शिल्पकारों को बदनाम करने का जो कुत्सित अभियान चल रहा है उससे निपटने का सबसे कारगर तरीका यही है कि इन महापुरुषों के विचारों और योगदानों को ऐसी पुस्तकों और गांधी स्मृति यात्रा जैसे आयोजनों के ज़रिेये लोगों बीच मज़बूती के साथ पेश किया जाए। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाने के लिए 18 जनवरी से 23 जनवरी 2026 को बिहार में अगली यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया गया। 18 जनवरी को आरा छपरा 19 जनवरी को सिवान गोपालगंज 20 और 21 जनवरी को पश्चिमी और पूर्वी चंपारण 22 जनवरी को सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर होते हुए 23 जनवरी को हाजीपुर सोनपुर का यात्रा कार्यक्रम निर्धारित किया गया। यात्री दल का छपरा, गोपालगंज, बेतिया, मोतिहारी, सीतामढ़ी में रात्रि ठहराव होगा।
21 फरवरी से 4 मार्च तक की यात्रा उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के बनारस, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, फैजाबाद जौनपुर आजमगढ़ गाजीपुर गोंडा बाराबंकी मैनपुरी आदि स्थानों पर जाएगी। उत्तर प्रदेश में गांधी से जुड़े स्मृति स्थलों की स्थिति का अध्ययन, वहां के लोगों से संपर्क, स्थानीय इतिहास संकलन के लिए स्थानीय समिति का गठन किया जाना है। 26- 27 फरवरी को जोधपुर के सर्व सेवा संघ सम्मेलन मैं भाग लेने के उपरांत 28 फरवरी को चलकर 4 मार्च तक यात्रा पटना पहुंचेगी। इसका संयोजन प्रोफेसर मनोज कुमार करेंगे। यात्री दल में प्रोफेसर मनोज कुमार के अलावा चंद्रभूषण, सीमा कुमारी और विजय कुमार रहेंगे।
इसी के साथ भागलपुर के स्वतंत्रता सेनानी दीप नारायण सिंह 150वीं जयंती पूर्व संध्या पर 25 जनवरी 2026 को भागलपुर में गांधी विचार विभाग और गांधी शांति प्रतिष्ठान में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही घंटाघर स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। ज्ञातव्य हो कि स्वतंत्रता सेनानी के योगदानों को याद करने में सरकार और प्रशासन की ओर से कोई रुचि नहीं ली गई और उनके आवास को जिला जज भागलपुर का आवास बना दिया गया है। घंटाघर में उनकी आदम कद प्रतिमा समाजसेवी कमल जायसवाल के जद्दोजहद के बाद कुछ दिन पूर्व ही लगाई गई है।भागलपुर का लाजपत पार्क श्रीदीप नारायण सिंह ने डॉ में दिया था। गांधी जी का बिहपुर और भागलपुर में स्वागत किया था। रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन 1940 में उनके नाम से गेट बनाया गया था। अंग क्षेत्र में गांधी स्मृति संरक्षण के लिए अलग से समिति का गठन किया जाएगा। डॉ. मनोज मीता इसका संयोजन करेंगे।
इसके अलावा बैठक में नदियों में बढ़ते प्रदूषण और कई छोटी नदियों के विलुप्त होने पर चिंता जताते हुए बिहार की छोटी नदियों की अद्यतन स्थिति का विस्तृत अध्ययन शुरू करने पर भी सहमति बनी। भागलपुर और बांका की संस्थाओं तथा संगठनों के साथ मिलकर यह अध्ययन मार्च के प्रथम सप्ताह में शुरू किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों से संपर्क की जिम्मेदारी राजीव कुमार को दी गई है। स्थानीय स्तर पर इस अध्ययन के साथ ही इन नदियों को पुनर्जीवन देने के प्रति जनजागरूकता के लिए एक ‘नदी यात्रा' निकालने का भी निर्णय लिया गया है। इसके संयोजन का दायित्व डॉ मनोज मीता, डॉक्टर सुनील अग्रवाल, प्रोफेसर मनोज कुमार,अंबिका चौधरी,संजय कुमार को दिया गया है। नदी यात्रा के दरमियान विभिन्न स्थानों पर किसानों की बैठक आयोजित कर उन्हें इस अभियान से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद मार्च महीने में ही जगदीशपुर प्रखंड के 25 गांव में ‘सद्भावना यात्रा’ निकाली जाएगी। इसके तहत प्रत्येक दिन 3 से 4 गांव में बैठक होगी। इसका संयोजन दिशा ग्रामीण विकास और गांधी आश्रम सुभानपुर द्वारा किया जाएगा।


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