दुनिया के रईसों की जब बात चलती है, तो सबसे पहले टेसला, ट्वीटर के मालिक जेफ बेजोस का नाम आता है, जो विश्व के सबसे धनवान इंसान के रूप में फोर्ब्स की सूची में टॉप पर हैं.
इसके अलावा जैक मा, बिल गेट्स, वॉरेन बफे, मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी सरीखे उद्योगपति भी अपनी अमीरी के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं.
इन सबसे हटकर आज हम इन सबसे हट कर एक ऐसे रईस के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिसकी दौलत ने उसके देश की सरकार को भी हैरान कर दिया है. मज़े की बात यह है कि यह अरबपति अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, चीन या किसी धनी पश्चिमी देश में नहीं बल्कि दुनिया के सबसे गरीब मुल्कों में गिने जाने वाले अफ्रीकी देश दक्षिण सूडान से ताल्लुक रखता है.
दक्षिण सूडान के इस अरबपति का नाम है लॉरेंस लाल, जिसकी 'आय के स्रोत' की जांच सूडानी सरकार ने शुरू कर दी है. खुद को जांच के घेरे में फंसता देख यह सयाना अरपबति अपनी सारी संपत्ति लेकर देश छोड़कर कनाडा भाग गया और दक्षिण सूडान की सरकार हाथ मलती रह गई.
हालांकि उसे देश वापस ला कर मुकदमा चलाकर सजा देने की तैयारियां चल रही हैं, पर कानूनी मसलों के चलते ऐसा हो पाने की संभावना तकरीबन शून्य ही बताई जा रही हैं.
इस मामले की ओर दुनिया भर के लोगों का ध्यान एक दिलचस्प बात ने खींचा है, जिसे देश छोड़ने के बाद लॉरेंस लाल ने अपने देश की सरकार को संबोधित करते हुए कहा. बड़ी संख्या में लोग उसकी इस दलील को वाजिब बताते हुए उसका समर्थन भी कर रहे हैं.
देश छोड़ कर जाते समय लॉरेंस लाल द्वारा बोला गया यह वाक्य बोला जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगा. लॉरेंस लाल ने कहा कि "जब मैं जुबा शहर में फुटपाथ पर सोया करता था तो सरकार ने मेरी 'गरीबी की जड़' क्यों नहीं चेक की?"
उसने आगे कहा कि हम कचरे से रोटी के टुकड़े चुन कर खाते थे.!! उस समय सरकार हमसे कुछ पूछने नहीं आई? जिस सरकार को आपकी गरीबी का कारण जानने में कोई दिलचस्पी नहीं है, उसे आपकी संपत्ति का कारण जानने का कोई अधिकार नहीं है.!!
लॉरेंस लाल की इस बात को सोशल मीडिया पर लोगों का काफी समर्थन मिल रहा है. कई लोग तो उसे फर्श से उठकर अर्श तक पहुंचने वाली शख्सियत बताते हुए उसकी तारीफों के पुल बांध रहे हैं और उसके प्रति दक्षिण सूडान की सरकार के नकारात्मक रवैये की जमकर आलोचना कर रहे हैं.
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