दोनों एकसाथ ही जीना-मरना चाहते हैं, लेकिन परिवारवालों और समाज को उन दोनों का प्यार कबूल नहीं हुआ। परिजनों ने दोनों को सजा देने की नीयत से पंचायत बुलाई, जिसपर प्रेमी युगल ने थाने पहुंच कर सुरक्षा मुहैया कराने और परिजनों एवं अन्य से बचाने की गुहार लगा दी।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद प्रेमी जोड़े को स्थानीय लोगों के चंगुल से छुड़ाया जा सका। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शादी करना व्यक्तिगत पसंद की बात है और इसमें गलत तरीके से हस्तक्षेप करना सही नहीं है।
यदि किसी ने कानून को हाथ में लिया तो उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजन और स्थानीय लोग मान-मर्यादा की दुहाई देकर इस संबंध को गलत करार दे रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भाई-बहन के बीच प्रेम कहानी का यह मामला बेतिया के बानुछापार मोहल्ले की है। दरअसल, महिला के पति की तकरीबन 1 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उनका उम्र में 4 साल छोटेअपने ही मौसेरे भाई के साथ प्रेम संबंध स्थापित हो गया।
परिजनों का कहना है कि जब उन्हें इसके बारे में पता चला तो उन्होंने दोनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद परिजनों ने दोनों को सजा देने के उद्देश्य से पंचायत बुलाई।
इसमें दोनों के बाल मूंड कर उन्हें गांव में घुमाने पर सहमति बनी थी। प्रेमी जोड़े ने समय रहते ही इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी।

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