किसानों ने किया ऐसा काम, जानकर खिल उठेगा चेहरा : मिलेगी इस चीज की महंगाई से निजात !


रबी सीजन में किसानों ने इस बार तिलहनी (Oilseeds) फसलों की जमकर बुवाई की है. इसके चलते पिछले साल के मुकाबले तिलहन का रकबा 17 लाख हेक्टेयर से अधिक बढ़ाृ गया है. 

सरसों तेल की महंगाई से मिलेगी निजात, रबी सीजन में 17 लाख हेक्टेयर बढ़ा रकबासरसों तेल की ऊंची कीमतों को देखते हुए इस बार किसानों ने तिलहन में सबसे अधिक राई और सरसों (Mustard) की फसल बोई है. 

कृषि मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों से पता चलता है कि तिलहन को छोड़कर अन्य सभी फसलों की बुवाई क्षेत्र में कमी दर्ज हुई है.


आंकड़े बताते हैं कि गेहूं के रकबे में पिछले साल के मुकाबले करीब 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की कमी आई है. इसके साथ ही धान, दलहनी फसलों और मोटे अनाज के कुल रकबे में बीते साल के मुकाबले कमी दर्ज हुई है.


शुक्रवार को कृषि मंत्रालय के फसल विभाग की तरफ से जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, 07 जनवरी, 2022 तक 98.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में तिलहनी फसलों की बुवाई हुई है.


पिछले साल यह आंकड़ा 81.66 लाख हेक्टेयर था. इस तरह वर्तमान रबी सीजन में तिलहन का रकबा 17.19 लाख हेक्टेयर बढ़ा है.


आंकड़ों के मुताबिक, 98.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिर्फ सरसों और राई का रकबा 89.71 लाख हेक्टेयर है. इसके बाद मूंगफली (3.99 लाख हेक्टेयर) और सूरजमुखी (1.05 लाख हेक्टेयर) सहित अन्य तिलहनी फसलों का नंबर है.


सरसों के क्षेत्र में राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक, पंजाब, असम, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बढ़ोतरी हुई है. 


इसके विपरीत  झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, नगालैंड, आंध्र प्रदेश, बिहार और मणिपुर से बुवाई के कम आंकड़े सामने आए हैं.


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