26 जनवरी को पहले 'गणतंत्र दिवस' की जगह मनाया जाता था 'स्वतंत्रता दिवस' : जानिए क्‍या थी वजह


26 जनवरी को हमारे देश का 73वां गणतंत्र दिवस है. आज हम आपको इस राष्ट्रीय पर्व के बारे में कुछ रोचक जानकारियां देते हुए इसके बारे में कई अनजानी बातें बताने जा रहे हैं. 


आपको यह तो पता ही होगा कि 26 जनवरी 1950 को भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था, जिसके उपलक्ष्‍य में  गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, पर आपको शायद यह जानकर हैरानी होगी कि 26 जनवरी को मनाए जाने वाले गणतंत्र दिवस को कभी हमारे देश में 'स्वतंत्रता दिवस' के रूप में भी मनाया जाता था. 


दरअसल, बात यह है कि संविधान लागू करने के लिए 26 जनवरी की तारीख को इसलिए चुना गया क्योंकि साल 1930 में 26 जनवरी को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में इंडियन नेशनल कांग्रेस ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ 'पूर्ण स्वराज' का ऐलान किया था. 


दरअसल लाहौर में हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में 31 दिसंबर 1929 की आधी रात को एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया कि अगर अंग्रेज सरकार 26 जनवरी 1930 तक भारत को डोमिनियन स्टेट का दर्जा नहीं देगी तो भारत अपने आपको पूर्ण स्वतंत्र घोषित कर देगा.


ब्रिटिश हुकूमत ने कांग्रेस की ये बात नहीं मानी. इसके बाद कांग्रेस ने 26 जनवरी 1930 को लाहौर में ही पार्टी के अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरू ने तिरंगा फहराया और इस दिन को पूर्ण स्वराज दिवस घोषित कर दिया। 


ऐसे में आज़ादी से पहले सन 1930 से 15 अगस्त 1947 तक कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज दिवस यानी 26 जनवरी को ही 'स्वतत्रंता दिवस' मनाया जाता था.


गणतंत्र राष्‍ट्र के बारे में 31 दिसंबर 1929 को रात में भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस के लाहौर सत्र में विचार किया गया था. जिसके लिए एक बैठक आयोजित की गई थी. यह बैठक पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्‍यक्षता में आयोजि‍त की गई थी.


कांग्रेस पार्टी की इसी बैठक में हिस्सा लेने वाले लोगों ने पहले 26 जनवरी को "स्‍वतंत्रता दिवस" के रूप में मनाने की शपथ ली गई थी, जिससे कि ब्रिटिश राज से पूर्ण स्‍वतंत्रता के सपने को साकार किया जा सके.


इसके बाद लाहौर सत्र में नागरिक अवज्ञा आंदोलन की रूपरेखा तैयार हुई और यह फैसला लिया गया कि 26 जनवरी 1930 को 'पूर्ण स्‍वराज दिवस' के रूप में मनाया जाएगा. वहीं इसी दिन देश का झंडा फहराया गया और 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस मनाने की शपथ ली गई थी. इसके लिए सभी क्रांतिकारियों और पार्टियों ने एकजुटता दिखाई थी.


बता दें कि 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू होने के साथ ही भारत पूर्ण गणराज्य बना. अत: इस दिन को पूरा भारत गणतंत्र दिवस के रूप में मनाता है. हालांकि हमारा संविधान 26 नवंबर 1949 में पूरी तरह तैयार हो चुका था, लेकिन दो महीने इंतजार करने के बाद इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया था.

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