नाव पर सवार टीकाकर्मी नीलू कुमारी बताती हैं कि एक सप्ताह पहले बाढ़ वाले इलाकों में टीकाकरण के लिए जाने का निर्देश हुआ। यह डराने वाला था, साथ में चुनौतीपूर्ण भी, धारा देखकर मन कांप उठा। फिर मन में विचार आया कि इस बार कोरोना की जो रफ्तार थी, वह इस नदी की धारा से तेज थी। देवानंद कुमार बताते हैं कि कटरा की सात पंचायतें बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हैं। पहले चरण में गंगैया, बर्री, नवादा, चंदौली, भवानीपुर, खंगूराडीह, पहसौल, बरैठा व माहनपुर में टीका देने का लक्ष्य है। टीम में आधा दर्जन से अधिक सहयोगी हैं। इनके लिए नाव पर ही पैक्ड खाना उपलब्ध कराया जा रहा।
सभी स्वास्थ्य कर्मियों को लाइफ सेविंग जैकेट उपलब्ध कराया जा रहा है। कोविड मानकों का इस्तेमाल किया जा रहा। दो नाव व नाविकों पर 1100 रुपये प्रतिदिन खर्च है। मुजफ्फरपुर सिविल सर्जन डॉ. विनय कुमार शर्मा ने कहा कि आपसी समन्वय व सहयोग से टीका वाली नाव का परिचालन हो रहा है। इसका लाभ दिख रहा है, बाढग़्रस्त इलाकों में शत-प्रतिशत टीकाकरण होगा।

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