इस मामले में कोर्ट ने यूपी पुलिस को वर्चुअल मोड के जरिए ऑफिस या घर पर जाकर बयान दर्ज करने की इजाजत दी है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने यह कहा कि ट्विटर इंडिया प्रमुख माहेश्वरी को जारी किया गया नोटिस दुर्भावनापूर्ण था। बाद में यूपी पुलिस ने दंगा करने, दुश्मनी को बढ़ावा देने और आपराधिक साजिश के भी आरोप लगाए थे। बता दें, बीते दिनों एक बुजुर्ग व्यक्ति अब्दुल समद ने आरोप लगाया था कि उन्हें कुछ लोगों ने पीटा और जय श्रीराम और वंदे मातरम का नारा लगाने के लिए मजबूर किया। इससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ट्विटर इंडिया, कई पत्रकारों और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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