
कोविड के प्रभावों से जूझ रही अर्थव्यवस्था को सहारा देने के प्रयासों के तहत केंद्र सरकार द्वारा घोषित पैकेज का एक बड़ा फायदा अब कर्मचारियों को भी मिलेगा.
पैकेज की नई किस्त के तहत केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का विस्तार किया है. इस योजाना को 1 अक्टूबर 2020 को लागू किया गया था. अब इस स्कीम को बढ़ाकर 31 मार्च 2022 तक किया जा रहा है.
इस योजना के तहत एक हजार कर्मचारियों वाली कंपनियों में पीएफ का नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का हिस्सा केंद्र सरकार भरेगी.
1000 कर्मचारियों तक को रोजगार देने वाले प्रतिष्ठान में कर्मचारी का योगदान (वेतन का 12%) और नियोक्ता का योगदान (वेतन का 12%) कुल वेतन का 24% सरकार देगी.
1000 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्त करने वाले प्रतिष्ठा में केवल कर्मचारी के ईपीएफ का अंशदान (वेतन का 12%) सरकार देगी.
इस स्कीम को 1 अक्टूबर 2020 को 30 जून 2021 तक के लिए लागू किया गया था. अब इस योजना की अवधि बढ़ा दी गई है.
इस योजना का लाभ नए कर्मचारियों को मिलेगा. 15,000 रुपये से कम मासिक वेतन पर ईपीएफओ-पंजीकृत प्रतिष्ठान में रोजगार पाने वाला कोई भी नया कर्मचारी इससे लाभन्वित होगा.
15,000 रुपये से कम का मासिक वेतन पाने वाले ईपीएफ सदस्य जिन्होंने 1 मार्च से 30 सितंबर 2020 तक कोविड महामारी के दौरान रोजगार गंवाया और 1 अक्टूबर 2020 से या उसके बाद कार्यरत हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा.
इस प्रकार 1 अक्टूबर 2020 से या उसके बाद नौकरी पाने वाले पात्र कर्मचारियों के पीएफ के लिए सरकार दो साल के लिए सब्सिडी प्रदान करेगी.
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