अमेरिका के एक वैज्ञानिक ने दावा किया है कि उसे चीन द्वारा गायब किया गया वह डेटा मिल गया है जिससे पता चलता है कि दुनिया भर में फैली कोरोना महामारी को फैलाने वाला वायरस चीन की प्रयोगशाला में तैयार किया गया था.
अमेरिकी वैज्ञानिक के शोध में बताया गया है कि उसने SARS-CoV-2 के बारे में महत्वपूर्ण आनुवांशिक डेटा को पुनः प्राप्त कर लिया है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान में डिजिटल प्लेटफॉर्म में रखा था और बाद में हटा दिया गया था.
फ्रेड हचिंसन कैंसर रिसर्च सेंटर के एक कम्प्यूटेशनल जीव वैज्ञानिक जेसी ब्लूम ने दावा किया है कि उन्होंने बायोरेक्सिव सर्वर पर कोरोना वायरस से जुड़ी सभी जानकारी अपलोड कर दी हैं.
बायोरेक्सिव एक ऐसा सर्वर है, जहां पर कोरोना से जुड़े अभी तक के शोध पेपर रिव्यू और पब्लिश होने से पहले रखे जाते हैं.
ब्लून ने अपने शोध से जुड़ा सारा डेटा Google क्लाउड से निकाला है. इस शोध में कोई नई जानकारी तो नहीं दी गई है, लेकिन जो आंकड़े पेश किए गए हैं वो बताते हैं कि दुनिया भर में कोरोना चीन के वुहान स्थित लैब से ही फैला था.

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