उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज खुद अपने एक एडीएम और सीओ के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी है. यह अजीबोगरीब घटनाक्रम हुआ है रामपुर शहर में. रामपुर जिले के मिलक क्षेत्र में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की तस्वीर वाली होर्डिंग लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद में गोली लगने से एक दलित युवक की मौतके मामले में एक्शन में आ गई है.
राज्य सरकार ने अब इस मामले में संबंधित उप जिलाधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी समेत चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है. इस मामले में उप जिलाधिकारी और तहसीलदार के साथ तैनात एक-एक होमगार्ड जवान समेत कुल 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि सरकार ने यह कदम आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए दलित वोटों की राजनीति के लिए उठाया है. एक पक्ष का यह भी आरोप है कि ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी, जिसे प्रशासन द्वारा रोकने का प्रयास करने पर कब्जा करने वालों ने खुद ही जानबूझ कर बवाल किया, जिसमें युवक की जान चली गई.
वोटों की राजनीति के कारण इसका ठीकरा अब उन अधिकारियों के सिर फोड़ा जा रहा है जो ग्राम सभा की शिकायत पर बवाल को रोकने आए थे. सरकार से पड़ रहे राजनीतिक दबाव में जिलाधिकारी ने उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करा दिया है.
मिलक थाना क्षेत्र के सिलईबाड़ा गांव में ग्राम समाज की एक जमीन पर दलित समाज के लोगों ने बाबा साहेब अंबेडकर की होर्डिंग लगा दी थी और प्रतिमा लगाने की तैयारी कर रहे थे. इस बीच गांव के ही दूसरे समुदाय के लोगों ने ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए प्रशासन से इसकी शिकायत की थी.
सूत्रों ने बताया कि मंगलवार की शाम स्थानीय तहसीलकर्मी पुलिस की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की. इसी दौरान दलित समुदाय और दूसरे पक्ष के बीच विवाद हो गया, जिसने हिंसक रूप ले लिया. इस दौरान गोली चलने से सोमेश (17) नामक दलित लड़के की मौत हो गयी तथा दो अन्य घायल हो गये. मारे गये किशोर के परिजन का आरोप है कि उसकी मौत पुलिस की गोली लगने से हुई है.
सूत्रों के मुताबिक इस मामले में कार्रवाई करते हुए रामपुर के जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह ने मिलक तहसील के उप जिलाधिकारी अमन देवल को हटा दिया है. इसके अलावा पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने भी संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी कीर्ति निधि आनन्द, मिलक के थाना प्रभारी निरीक्षक अनुपम शर्मा और चौकी प्रभारी दारोगा सुरेन्द्र को हटा दिया है. 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है.
इस घटना को लेकर बुधवार को भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर आजाद ने गांव पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की. आजाद ने घटना के लिए सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर हमला करते हुए पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की.

0 टिप्पणियाँ
आपकी टिप्पणियों, प्रतिक्रियाओं व सुझावों का स्वागत है, पर भाषा की गरिमा और शब्दों की मर्यादा अवश्य बनाए रखें.