मोदी सरकार ने कांग्रेस के बैंक खाते किए फ्रीज, प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर राहुल गांधी ने किया खुलासा !


मोदी सरकार भले ही अबकी बार चार सौ पार के नारे लगा रही है, पर इलेक्‍टोरल बांड के जरिये चंदा चोरी के आरोपों में घिरने के बाद उसे आगामी चुनाव में अपना सिंहासन डोलता नजर आने लगा है। यही वजह है कि सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस के खातों को चुनाव प्रचार से रोकने के लिए उसके बैंक फ्रीज कर दिया गया है। मोदी सरकार पर यह आरोप आज कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके लगाया है।


मोदी सरकार और बीजेपी पर बड़ा हमला बोलते हुए  कांग्रेस पार्टी के तीन दिग्गजों मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि कांग्रेस पार्टी के बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं, जिस वजह से वह प्रचार नहीं कर पा रही है।


राहुल गांधी ने कहा कि एक महीने पहले कांग्रेस पार्टी के सारे बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए। अगर किसी परिवार के बैंक अकाउंट फ्रीज करेंगे तो वह भूखा मर जाएगा। यह कांग्रेस पार्टी के साथ किया गया, लेकिन किसी संस्था ने, कोर्ट ने, चुनाव आयोग ने, किसी ने कुछ नहीं कहा। 


खाते फ्रीज होने के कारण आज हम रेलवे टिकट नहीं खरीद सकते, हम अपने नेताओं को एक जगह से दूसरे जगह नहीं भेज सकते। कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि बैंक खातों से लेनदेन पर रोक का मुद्दा अत्यंत गंभीर है, यह न केवल कांग्रेस को, बल्कि हमारे लोकतंत्र को भी प्रभावित करने वाला कदम है।


सोनिया गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को आर्थिक रूप से पंगु बनाने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। जनता से जुटाए गए पैसे को रोका जा रहा है और हमारे खातों से जबरन पैसा छीना जा रहा है।


इलेक्टोरल बॉन्ड पर बीजेपी को घेरते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ ‘चुनावी बॉण्ड’ का मुद्दा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया है। चुनावी बॉण्ड से बीजेपी को भारी और बड़े पैमाने पर फायदा हुआ है।  दूसरी तरफ कांग्रेस की वित्तीय स्थिति पर सरकार की ओर से लगातार सुनियोजित हमले हो रहे हैं उन्होंने कहा, “हम सभी का मानना ​​है कि यह अभूतपूर्व और अलोकतांत्रिक है।”


कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव कराया जाना जरूरी है, सभी को समान अवसर मिलने चाहिए। सत्ता में बैठे लोगों का संसाधनों पर एकाधिकार नहीं होना चाहिए।


उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों का संवैधानिक संस्थाओं पर प्रत्यक्ष या परोक्ष नियंत्रण नहीं होना चाहिए। बीजेपी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठी पार्टी ने चुनावी बॉण्ड के जरिए से धन जुटाया, वहीं हमारे खातों से लेनदेन पर रोक लगाकर हमारे लिए उसने चुनाव लड़ने में अड़चन पैदा की जा रही है।


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