एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की छूटती फ्लाइट पकड़वाने के चक्कर में ऐसा हंगामा खड़ा कर दिया कि पूरे एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई। यह घटना बेंगलुरु की है। हुआ कुछ ऐसा कि शख्स की पत्नी एयरपोर्ट पहुंचने में लेट हो गई। इसलिए उसने फ्लाइट के टेक ऑफ में देरी करवाने के लिए धमकी भरा फोन करके बम की अफवाह फैला दी।
हालांकि, थोड़ी ही देर में उसका झूठ पकड़ लिया गया और उसकी पहचान भी कर ली गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान बेंगलुरु के विलास के रूप में की गई है। वह एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। विलास की पत्नी इंटीरियर डिजाइनर हैं।
मुंबई एयरपोर्ट पुलिस के अनुसार मालाड स्थित एयरलाइन के कॉल सेंटर पर एक धमकी भरा फोन आया। फोन करने वाले ने दावा किया कि मुंबई से बेंगलुरु शाम 6:40 बजे रवाना होने वाली फ्लाइट नंबर QP 1376 में बम है।
167 यात्रियों को ले जा रही फ्लाइट टेक-ऑफ के लिए तैयार थी तभी एयरलाइंस के अधिकारियों ने धमकी के बारे में सूचित किया। एयरलाइंस के अधिकारियों ने एयरपोर्ट प्रशासन, फ्लाइट कैप्टन और पुलिस व ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) कोको इसकी जानकारी दी।
इसके बाद सभी यात्रियों को विमान से बाहर निकाल कर उनके सामान और विमान की गहन जांच की गई। हालांकि, कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और धमकी भरा फोन झूठा पाया गया। काफी देरी के बाद विमान आधी रात बेंगलुरु के लिए रवाना हुआ।
इस घटना के बाद, एयरलाइंस की तरफ से नाइलेश घोंगडे ने हवाई अड्डे के पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया। इसके बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और टीम ने धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर का पता लगाया, जिससे उन्हें बेंगलुरु के रहने वाले विलास तक पहुंचा दिया।
विलास को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद, उसने फोन करने की बात कबूल कर ली। विलास को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया था। फिर दो दिन हिरासत में रखने के बाद मंगलवार को उसे जमानत दे दी गई।
उधर, फ्लाइट में देरी के बावजूद, अकासा एयरलाइंस ने विलास की पत्नी को विमान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी। हालांकि, उसे दूसरी फ्लाइट में बैठाने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई।

0 टिप्पणियाँ
आपकी टिप्पणियों, प्रतिक्रियाओं व सुझावों का स्वागत है, पर भाषा की गरिमा और शब्दों की मर्यादा अवश्य बनाए रखें.