बड़ी खबर : मायावती ने की अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा, विश्‍लेषक कर हे 'पिक्‍चर अभी बाकी है'

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने आगामी लोकसभा चुनाव किसी भी गठबंधन में शामिल हुए बिना अकेले ही लड़ने की बड़ी घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने किसी तीसरे मोर्चे और किसी के साथ गठबंधन करने के अटकलों पर भी विराम लगा दिया है। 

हालांकि, राजनीति के कई रणनीतिकारों का अब भी यह मानना है कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने और आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद मायावती का यह निर्णय बदल भी सकता है। विश्‍लेषकों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं के खिलाफ ईडी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को देखते हुए मायावती इससे बचने के लिए फिलहाल इंडिया गठबंधन से दूरी बनाए रखने को मजबूर हैं. 


बताया यह भी जा रहा है कि मायावती अकेले चुनाव में जाने का जोखिम खुद भी नहीं लेना चाहेंगी, क्‍योंकि 2014 के चुनाव में अकेले लड़ने का हश्र वह जीरो सीट के रूप में देख चुकी हैं. इसके बाद सपा गठबंधन में चुनाव लड़ने पर 2019 में उन्‍हें 10 सीटें मिली थीं.


राजनीतिक विश्‍लेषकों के अनुसार 2014 के चुनाव में कोई सीट न मिलने के बावजूद बसपा को 13 फीसदी वोट मिले थे, पर इस बार अगर वह अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लेती हैं, तो बसपा का वोट प्रतिशत घट कर 8 फीसदी तक आ सकता है. 


बसपा का अकेले चुनाव लड़ने का फैसला इसलिए भी आत्‍मघाती हो सकता है, क्‍योंकि बताया जा रहा है कि इससे खुद उनकी पार्टी में बगावत के सुर उठ सकते हैं, क्‍योंकि किसी गठबंधन में शामिल न होने पर बसपा प्रत्‍याशियों के लिए चुनाव जीतने की संभावनाएं काफी कमजोर हो जाएंगी. 


बता दें कि बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बड़ा एलान किया है। पोस्ट में उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव अकेले ही लड़ने का एलान किया है। 


मायावती ने लिखा कि बीएसपी देश में लोकसभा का आमचुनाव अकेले अपने बलबूते पर पूरी तैयारी व दमदारी के साथ लड़ रही है। ऐसे में चुनावी गठबंधन या तीसरा मोर्चा आदि बनाने की अफवाह फैलाना यह घोर फेक व गलत न्यूज़। मीडिया ऐसी शरारतपूर्ण खबरें देकर अपनी विश्वसनीयता न खोए। बहुजन समाज के हित में बीएसपी का अकेले चुनाव लड़ने का फैसला अटल।


इससे पहले भी मायावती कई बार लोकसभा चुनाव के लिए किसी भी तरह के गठबंधन में शामिल होने से इनकार कर चुकी हैं। हालांकि, उन्होंने चुनाव के लिए अभी तक प्रत्याशियों की घोषणा भी नहीं की है जिसके कारण उनके इंडिया गठबंधन में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं।


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