महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन और एनडीए की सीटों का फैसला होने के बावजूद राज्य में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर एक बड़ा खेल अभी हो सकता है।
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को भाजपा छोड़कर महाविकास अघाड़ी (MVA) में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है। उद्धव ठाकरे के इस बयान के बाद मुंबई से लेकर दिल्ली तक की सियासत में एक नई हलचल मच गई है।
इस मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले का भी बयान सामने आया है। सुप्रिया ने उद्धव ठाकरे द्वारा नितिन गडकरी को दिए गए प्रस्ताव पर कहा कि नितिन गडकरी एक राष्ट्रीय नेता हैं और वह ओरिजनल भाजपा का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो एक सुसंस्कृत पार्टी थी।
उन्होंने कहा, मैं समझ नहीं पा रही हूं कि अब पार्टी (BJP) को क्या हो गया है। हमने संसद में बोलना सुषमाजी (स्वराज) और अरुणजी (जेटली) से सीखा है। यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी एमवीए में नितिन गडकरी का स्वागत करेगी? उन्होंने कहा कि वह ऐसे व्यक्ति हैं, जो विपक्षी नेताओं को अपना दुश्मन नहीं मानते हैं। वह लोकतंत्र में विश्वास करते हैं और इसीलिए उनके प्रति सम्मान हमेशा रहेगा।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर पलटवार करते हुए कहा कि महाराष्ट्र से भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची में नितिन गडकरी का नाम पहला होगा। देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकारों के साथ बातचीत में नितिन गडकरी को उद्धव ठाकरे की पेशकश की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि गडकरी हमारे प्रमुख नेता हैं। वह नागपुर से चुनाव लड़ते हैं। जब भाजपा की उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की गई थी, तो महायुती सहयोगियों के बीच कोई चर्चा नहीं हुई थी। जब चर्चा होगी, तो गडकरी का नाम सबसे पहले आएगा।
बता दें कि भाजपा ने हफ्तेभर पहले लोकसभा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। इस सूची में नितिन गडकरी का नाम शामिल नहीं था। ऐसे में उद्धव ठाकरे ने नितिन गडकरी को एमवीए से चुनाव लड़ने की पेशकश कर दी।

0 टिप्पणियाँ
आपकी टिप्पणियों, प्रतिक्रियाओं व सुझावों का स्वागत है, पर भाषा की गरिमा और शब्दों की मर्यादा अवश्य बनाए रखें.