BJP को चंदा देने के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज ने खरीदे 2.5 करोड़ के Electoral Bond हो गए ठगी का शिकार : जानिए पूरा मामला

Electoral Bonds fraud

भारतीय जनता पार्टी को चंदा देने के लिए 2.5 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाले हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत जज ठगी का शिकार हो गए। रकम देने के कई दिनों बाद भी जब उन्हे कोई बांड नहीं मिला, तो उनहोंने पुलिस में ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। 

इलाहाबाद और आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में जज रह चुके रिटायर्ड जस्टिस डीएसआर वर्मा ने हैदराबाद पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि उनके साथ दो लोगों ने 2.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जालसाजों ने कथित तौर पर बीजेपी के लिए Electoral Bond खरीदने के नाम पर उनसे ये रकम ली थी, लेकिन इस रकम से बॉन्ड खरीदे ही नहीं गए।

हाईकोर्ट जज के पद से 2010 में रिटायर जज ने हैदराबाद के एक थाने में आपराधिक मामला दर्ज कराया है।  एफआईआर में कहा गया है कि उनके परिवार ने आपस में मिलकर ये रकम जुटाई थी। बकौल पूर्व जज परिवार से इकट्ठा करने के बाद ये रकम दोनों आरोपियों को Electoral Bond खरीदने के लिए दी गई थी, लेकिन कभी कोई बॉन्ड जारी ही नहीं किया गया। 

शिकायत में कहा गया है कि ये बॉन्ड भाजपा के पक्ष में जारी किए जाने थे।एफआईआर में जिन दो लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें एक नरेंद्रन और दूसरा सरथ रेड्डी है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, एफआईआर में पूर्व जज ने आरोप लगाया है कि नरेंद्रन, जो हमारे रिश्तेदारों का एक परिचित व्यक्ति है, अपने परिचय का फायदा उठाते हुए मेरे पास आया और केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के लिए कुछ चंदे की मांग की।

चंदे की रकम को Electoral Bond के पार्टी को दिया जाना था। नरेंद्रन ने सरथ रेड्डी को हमसे रकम लेने का जिम्मा सौंपा था। कहा जाता है कि सरथ रेड्डी आत्मिया होम्स नाम की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में शामिल है।

पूर्व जज ने यह भी आरोप लगाया कि सरथ रेड्डी ने उन्हें और उनके पोते-पोतियों को अमेरिका में सम्मानजनक स्थान देने का वादा किया था, क्योंकि वह इलाहाबाद और आंध्र प्रदेश के उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश रह चुके हैं। 

रिटायर्ड जज ने कहा कि वह और उनका परिवार उसके झांसे में आ गया और उनकी पत्नी और बेटी ने 2021 में समय-समय पर कुल 2.5 करोड़ रुपये उसे दे दिए। उन्होंने कहा कि व्हाटसएप पर उसके साथ चैट टेक्स्ट के सबूत भी हैं।

पूर्व जज ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि न तो उनके परिजनों की अमेरिका में मदद दी गई और ना ही उनके दिए गए रकम से कोई Electoral Bond खरीदा गया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ