चाइनीज झालर के बायकॉट से क्‍या होगा भक्‍तों , दम है तो चीन से स्‍टील का आयात रुकवाओ !


होली-दीवाली का त्‍योहार नजदीक आते ही सोशल मीडिया पर चाइनीज झालर या चाइनीज कलर के बॉयकॉट की घोषणा के पोस्‍ट भर-भर कर तैरने लगते हैं। अंधभक्‍तों की खोखली 'देशभक्ति' आईटी सेल के फारवर्ड वाट्सअप मैसेजों को ग्रुपों में धकाधक ठेलने को लालायित हो उठती है।

ऐसे मैसेज फारवर्ड करने वालों को इस खबर से 440 वोल्‍ट का झटका लग सकता है। खबर यह है कि स्‍टील के लिए चीन पर भारत की निर्भरता बढ़ गई है और चीन से स्‍टील का आयात छह साल के टॉप पर पहुंच गया है। इस बात की गवाही खुद सरकार के आंकड़े दे रहे हैं।

चीन से स्‍टील का शिपमेंट बढ़ने से भारत का अप्रैल-जनवरी स्टील आयात छह साल के उच्चतम स्तर पर है. देश के मैन्‍युफैक्‍चरिंग और ऑटो सेक्टर की स्‍टील की मांग को पूरा करने के लिए दुनिया के दूसरे सबसे बड़े कच्चे स्टील के उत्पादक देश भारत को चीन से भारी मात्रा में स्‍टील का करना पड़ रहा है. 


सरकारी आंकड़ों के हवाले से रायटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में शिपमेंट बढ़ने से  वित्तीय वर्ष के पहले 10 महीनों में भारत का स्टील आयात छह साल के टॉप पर पहुंच गया और भारत तैयार स्टील का आयातक बना रहा. 


इस अवधि में भारत में स्टील की खपत 14.5% बढ़कर छह साल के ऊपरी स्तर 112.5 मिलियन मीट्रिक टन पर पहुंच गई. दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में गिने जाने वाले भारत में स्टील की खपत में यह बढ़ोतरी देश की अर्थव्यवस्था में मजबूती को दर्शा रही है.


रिपोर्ट में भारत में स्टील की मांग आगे भी मजबूत बने रहने की संभावना जताई गई है, क्योंकि सरकार को उम्मीद है कि अगले वित्तीय वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर ग्लोबल जीडीपी की वृद्धि दर से आगे निकल जाएगी.


आंकड़ों से पता चलता है कि भारत ने अप्रैल और जनवरी के बीच 6.7 मिलियन मीट्रिक टन स्टील का आयात किया, जो पिछले साल की तुलना में 35% अधिक है.


भारत के स्‍टील प्‍लांट्स ने बढ़ते आयात को काबू में रखने के लिए सरकार से हस्तक्षेप करने और घरेलू स्टील उद्योग के लिए सुरक्षात्मक उपाय लागू करने की मांग की है. हालांकि, केंद्रीय इस्पात मंत्रालय ने मजबूत स्थानीय मांग का हवाला देते हुए आयात पर फिलहाल कोई अंकुश लगाने की मांग का विरोध किया है.


चीन अप्रैल और जनवरी के बीच भारत को तैयार स्टील का सबसे बड़ा निर्यातक रहा, जिसने 2.18 मिलियन मीट्रिक टन स्‍टील भारत को बेचा है. यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 80% अधिक है और छह साल में स्टील आयात का सबसे बड़ा आंकड़ा.


चीन मुख्य रूप से भारत को हॉट-रोल्ड और कोल्ड-रोल्ड स्टील उत्पादों का निर्यात करता है. इसके अलावा वह गैल्वनाइज्ड प्लेन और कोरोगेटेड (नालीदार) शीट के साथ-साथ स्टील प्लेट और पाइप भी निर्यात करता है.


चीन के बाद दक्षिण कोरिया भारत के लिए स्टील का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक रहा. उसका भारत को स्टील का निर्यात 2.15 मिलियन मीट्रिक टन  रहने के साथ चार साल के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गया.


अप्रैल 2023 से जनवरी 2024  के बीच भारत का स्टील निर्यात 5.5 मिलियन मीट्रिक टन रहा, जिसमें सालाना आधार पर महज  3.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इस दौरान देश में कच्चे स्टील का उत्पादन 119 मिलियन मीट्रिक टन रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 13.5% अधिक है.




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