चंडीगढ़ मेयर चुनाव में खुल्लम खुल्ला धांधली करके भाजपा के उम्मीदवार को मेयर बनाने के मामले में नया मोड़ आया है. सुप्रीम कोर्ट ने नया इतिहास रचते हुए कोर्ट में ही वोटों की गिनती करा कर पुराने चुनाव परिणाम को रद्द कर दिया.
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली तीन जजों की पीठ ने दोबारा वोटों की गिनती करा कर फिर से नतीजे घोषित किए , जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार कुलदीप कुमार को विजयी घोषित किया और अब वह चंडीगढ़ के नए मेयर होंगे.
यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी के चुनाव के संचालन में गंभीर खामियां पाए जाने के बाद निर्वाचन अधिकारी अनिल मसीह, जो कि भाजपा भी नेता हैं, के खिलाफ ‘कदाचार’ के लिए मुकदमा चलाने का भी आदेश दिया.
कोर्ट ने कहा कि यह स्पष्ट है कि मसीह ने जानबूझकर आठ मतपत्रों को विरूपित करने का प्रयास किया, पर कोर्ट वह पूरी चुनावी प्रक्रिया को रद्द नहीं कर रहा है और खुद को मतगणना प्रक्रिया में गलत कार्यों से निपटने तक ही सीमित रखा है, जिसके कारण कुमार के पक्ष में डाले गए आठ मत अमान्य हो गए थे.
बता दें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 30 जनवरी को चंडीगढ़ महापौर चुनाव में कांग्रेस-आप गठबंधन के खिलाफ जीत हासिल की थी. भाजपा के 16 के मुकाबले 20 वोट थे और गठबंधन के आठ मतपत्रों को ‘खराब’ करके उन्हें अमान्य कर दिया गया था. निर्वाचन अधिकारी बने भाजपा नेता की यह हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी, जिसके बाद काफी बवाल मचा था.

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