महाराष्ट्र में अशोक चव्हाण के बाद एमपी में कमलनाथ अपने सांसद बेटे नकुलनाथ के साथ भाजपा जॉइन करने की तैयारी में हैं। कांग्रेस को इन दो बड़े झटकों के बाद जल्द ही एक तीसरा झटका भी लग सकता है। गांधी परिवार का एक और करीबी नेता कांग्रेस छोड़ भाजपा में जाने की कतार में बताए जा रहे हैं। ये हैं पंजाब से पार्टी के सांसद व तेज-तर्रार प्रवक्ता माने जाने वाले मनीष तिवारी।
राजीव गांधी के जमाने में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे मनीष तिवारी को एक समय में सोनिया और राहुल का दायां हाथ माना जाता था, पर बीते दो-ढाई साल से वह पार्टी से असंतुष्ट नज़र आ रहे हैं। वह कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आज़ाद जैसे असंतुष्ट नेताओं के गुट जी-23 में भी सक्रिय रहे।
अब राजनीतिक गलियारों के अंदरखाने में यह खबर बड़ी तेजी से चल रही है कि मनीष तिवारी भी बीजेपी में जाने की सोच रहे हैं और इसको लेकर उनकी बीजेपी से बातचीत भी चल रही है।
मनीष तिवारी आनंदपुर साहिब से सांसद हैं और वो बीजेपी के साथ जाकर लुधियाना लोकसभा से चुनाव लड़ना चाहते हैं। पिछले चुनाव में भी वह लुधियाना से ही लड़ना चाहते थे, पर नवजोत सिंह सिद्धू के दबाव में उन्हें वहां से टिकट नहीं मिल सका।
बीजेपी के सूत्र दावा कर रहे हैं कि मनीष भी बीजेपी के साथ आने के लिए तैयार हैं। वह पार्टी आलाकमान के संपर्क में है। सूत्रों की मानें तो लुधियाना सीट पर पार्टी अगर उन्हें उमीदवार बनाने को राजी हो जाती है, तो जल्द ही वह भाजपा जॉइन कर सकते हैं।
हाालंकि, मनीष तिवारी ने इस बात को पूरी तरह से बकवास बताते हुए इसका खंडन किया है। उन्होंने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि मैं अपने क्षेत्र में हूं। काम कर रहा हूं। बीजेपी में जाने की खबरें पूरी तरह फर्जी और बकवास हैं। मैं इस पर प्रतिक्रिया भी नहीं देना चाहता।
हालांकि तिवारी के के इस खंडन के बावजूद कयासों का दौर जारी है। इसकी वजह यह है कि कांग्रेस में इस वक्त घमासान मचा हुआ है और कौन कब पार्टी छोड़ दे कहा नहीं जा सकता। बिहार में नीतीश के फिर से एनडीए में आने के बाद भाजपा के हौसले बुलंद हैं और उसने लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सहित दूसरी विपक्षी पार्टियों में तोड़फोड़ के प्रयासों को तेज कर दिया है।

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