न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP लागू करने को लेकर दिल्ली-पंजाब बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन केा लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने एक बड़ी घोषणा कर दी है.
टिकैत ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मोदी सरकार अगर 16 फरवरी तक किसानों की मांगें नहीं मानती है, तो वह खुद पंजाब बॉर्डर पर किसानों के साथ धरने पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के पास दो दिन का समय है. इस बीच उसे किसानों की समस्या का समाधान निकाल लेना चाहिए.
टिकैत ने कहा कि बिना बातचीत और समाधान के किसान वापस नहीं जाएंगे. हमारे लिए दिल्ली दूर नहीं है. हमारी 16 तारीख की कॉल है सरकार को 16 फरवरी तक का समय है कि समाधान निकाल ले. भाकियू नेता ने कहा कि मोदी सरकार झूठ बोल रही है की किसान बातचीत को तैयार नहीं है.किसान बात करने को तैयार हैं. आज भी किसानो ने कहा है की हमसे बातचीत की जाए.
मोदी सरकार पर किसान आंदोलन को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए टिकैत ने दावा किया कि कोई किसान पत्थर नहीं मरता है. पत्थर मारने वाले भी सरकार के ही आदमी है. किसान संयुक्त मोर्चा अभी तो आंदोलन का हिस्सा नहीं है, पर हम उनके साथ हैं. अगर वह चाहेंगे तो हम उनको समर्थन देंगे. यह आंदोलन किसानों का है. संयुक्त मोर्चा जो निर्णय लेगा हम उसी हिसाब से फैसला लेंगे.
बता दें कि आज पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर डटे किसान, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े सैकड़ों किसान ‘दिल्ली चलो’ मार्च शुरू करने के लिए पंजाब-हरियाणा की दो सीमाओं पर डटे रहे. वहीं, अंबाला के पास शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे.
इसके अलावा पुलिस ने हरियाणा के जींद जिले में दाता सिंहवाला-खनौरी बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों पर भी आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की. ‘दिल्ली चलो’ मार्च में भाग लेने के लिए पंजाब के कई स्थानों से किसानों का आना जारी है.

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