देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में गिने जाने वाले रतन टाटा का कारोबारी साम्राज्य उनके बाद कौन संभालेगा, यानी कौन होगा रतन टाटा का वारिस? यह सवाल बीते कई वर्षों में देश के कारोबार जगत में एक यक्ष प्रश्न की तरह घूम रहा है।
टाटा के वारिस के रूप में पहले उनके सौतेले भाई नोएल टाटा का नाम लिया, पर ज्यादा उम्र के चलते वह रेस में पिछड़ गए और साइरस मिस्त्री को टाटा का वारिश बनाया गया. लेकिन, अव्यावहारिक कारोबारी फैसले लेने और मनमाने व्यवहार के चलते विवाद के बाद साइरस को टाटा समूह से बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा, जिसके कुछ महीनों तक चले कोर्ट केस के बाद साइरस की मृत्यु भी हो गई.
साइरस मिस्त्री के बाद अब एक बार फिर से रतन टाटा का वारिस ढूंढ लिए जाने की बात कही जा रही है. यह कोई और नहीं, बल्कि नोएलटाटा की बेटियां ही हैं, जिनका नाम लिआ, माया और नेविल टाटा है. तीनों ही मीडिया की लाइम लाइट से दूर रहती हैं. साथ ही रतन टाटा की मेंटरशिप में वो तमाम गुर सीख रही हैं, जिससे भविष्य में इस अरबों रुपए के बिजनेस एंपायर को संभाल सकें.
बताया जा रहा है कि नोएल टाटा की 37 और 34 साल की ये दो बेटियां रतन रतन टाटा की वारिस बनाई जा सकती हैं. इसी वजह से टाटा ग्रुप की सहायक कंपनी टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट के बोर्ड ने 2 नवंबर 2022 को लिआ, माया और नेविल टाटा को शामिल किया है.
ये मौजूदा समय में रतन टाटा के संरक्षण में हैं. 3,800 करोड़ रुपये की अनुमानित संपत्ति के मालिक रतन टाटा इस बिजनेस एंपायर के फ्यूचर लीडर्स तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. नोएल की बड़ी बेटी लिआ टाटा होटल इंडस्ट्री का कारोबार संभाल रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ताज होटल रिसॉर्ट्स एंड पैलेसेस में असिसटेंट सेल्स मैनेजर के रूप में की थी. मैड्रिड में अपनी एजुकेशन खत्म करने के बाद, लिआ ने सेल्स डिपार्टमेंट में काम किया. इसके बाद, वह टाटा ग्रुप ऑफ होटल्स के मैनेज्मेंट और ऑपरेशन देखने वाली यूनिट इंडियन होटल कंपनी में ट्रांसफर हो गई.
लिआ टाटा की छोटी बहन माया टाटा ने रतन टाटा के मार्गदर्शन में टाटा अपॉर्चुनिटीज फंड में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने पोर्टफोलियो मैनेजर और इंवेस्टर रिलेशन रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम किया. वारविक यूनिवर्सिटी और बेयस बिजनेस स्कूल से ग्रेजुएट माया ने टाटा ग्रुप के भीतर कई जगहों पर काम किया है. हाल ही में उन्होंने टाटा कैपिटल के साथ अपना कार्यकाल खत्म किया है. फिलहाल उनका फोकस टाटा डिजिटल डिवीजन पर है.

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