ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री में एक बार फिर भारी हड़कंप मच गया है. गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने छह ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जीएसटी चोरी का नोटिस और कारण बताओ नोटिस भेजा है.
सूत्रों के मुताबिक गेमिंग इंडस्ट्री में सबसे बड़ा टैक्स नोटिस फेंटेसी गेमिंग कंपनी ड्रीम 11 को भेजा गया है. कंपनी की मूल फर्म स्पोर्टा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ने जीएसटी चोरी को लेकर उसके खिलाफ जारी डीजीजीआई के कारण बताओ नोटिस को कानूनी चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. कंपनी को बेटिंग पर 28% जीएसटी का भुगतान न करने का आरोप लगाते हुए नियामक की ओर से नोटिस भेजा गया है. हालांकि ड्रीम 11 ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.
- छह ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को डीजीजीआई ने भेजा जीएसटी चोरी का नोटिस
सूत्रों ने सीएनबीसी टीवी-18 को बताया कि डीजीजीआई की नजर ऑनलाइन गेमिंग द्वारा की जा रही कर चोरी पर है. ऐसे मामलों में डिजिटल स्किल गेमिंग कंपनी, गेम्स 24X7 सहित कम से कम छह और ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को नोटिस भेजे गए हैं और और जल्द ही ऐसे कई और नोटिस भेजे जाने वाले हैं. अधिकारियों द्वारा इन ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को DRC-01 A फॉर्म के जरिये उनके देय कर की सूचना दी जाती है.
सूत्रों के मुताबिक विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों की कुल जीएसटी की देनदारी 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. इसे लेकर डीजीजीआई ने नोटिस भेजना शुरू कर दिया है. अधिकतर नोटिस सितंबर के अंत तक जारी कर दिए जाएंगे. ऐसे मामलों में जहां सूचनात्मक या कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं, डीजीजीआई ने कंपनियों से अंतिम नोटिस भेजने से पहले अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने के बाद डीजीजीआई द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को रद्द कर दिया था, जिसमें ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्स क्राफ्ट को 21,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त जीएसटी का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था. विशेषज्ञों का मानना है कि यह रोक वित्त मंत्रालय को अन्य कंपनियों को भी इसी तरह नोटिस भेजने की अनुमति देती है.
सरकारी सूत्रों ने सीएनबीसी टीवी-18 को बताया है कि सरकार अन्य गेमिंग कंपनियों पर जीएसटी कानून उसी तरह लागू करेगी जैसे गेम्स क्राफ्ट मामले में किया गया था और सभी गेमिंग कंपनियों को कानून का पालन करना हो

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