चंद्रमा पर चंद्रयान-3 के लैंडर की सॉफ्ट-लैंडिंग के साथ ही बेसब्री से इस पल का इंतज़ार कर रहे करोड़ों भारतीयों के चेहरे खुशी से खिल उठे. इस महान वैज्ञानिक उपलब्धि का जश्न पूरे देश में मनाया जाने लगा. देश के इसी जश्न में शामिल थी कोयंबटूर के एक शांत कोने में स्थित एक कंपनी चक्रधारा एयरोस्पेस (सीएसीपीएल) की वह छोटी सी टीम जो खुद को कहीं न कहीं चंद्रयान की इस सफलता से प्रत्यक्ष तौर पर जुड़ा देख रही थी.
इनके पास इस का जश्न मनाने की एक बहुत अहम और खास वजह भी थी. आखिरकार, यह सीएसीपीएल ही था जिसने चंद्रयान के लिए कई इंजन मॉड्यूल, टॉर्क मोटर्स और प्रेशर ट्रांसड्यूसर जैसे कई प्रमुख घटक बनाए थे, जो भारत के कदम चांद पर ले गए.
CNBC-TV18.com से बातचीत में सीपीसीएल की मूल कंपनी लक्ष्मी मशीन वर्क्स के मुख्य रणनीति अधिकारी सौंधार राजन ने कहा, "हम भारत और इसरो की इस महान उपलब्धि से उत्साहित हैं. हम इस पर गर्व करते हैं।"
राजन ने कहा, "हमें भारत और डॉ. एस सोमनाथ के नेतृत्व में इसरो के प्रत्येक वैज्ञानिक पर बेहद गर्व है।" उन्होंने कहा, "जिस पल हमने चंद्रमा की सतह को छुआ, हम अपने प्रधानमंत्री की आंखों में भी गर्व की चमक भी साफ देख रहे थे।"
एयरोस्पेस घटकों का निर्माण करने वाली सीएसीपीएल 2016 से ही इसरो का सहयोग कर रही है. इसकी इंजीनियरिंग विशेषज्ञता चंद्रयान -3 के लॉन्च में भी काम आई. कंपनी के अनुसार, उसकी अत्याधुनिक तकनीक और टीम ने भारत के चंद्रमा मिशन की सटीकता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
राजन ने बताया कि चंद्रयान-3 इसरो के अंतरिक्ष अभियानों के साथ सीएसीपीएल की पहली कोशिश नहीं है. "हम 2016 से विभिन्न लॉन्च वाहनों के निर्माण में सहयोग कर रहे हैं," राजन ने कहा, " इस मिशन में भी लॉन्च वाहन और विक्रम लैंडर पर भी हमारे बनाए कंपोनेंट्स का इस्तेमाल हुआ है. हम इस बात से काफी रोमांचित हैं कि मिशन सफल रहा."
कोयंबटूर स्थित लक्ष्मी मोटर वर्क्स समूह की कंपनी सीएसीपीएल को 1968 में एक टेक्सटाइल कंपोनेंट मैन्यूफेक्चरर के रूप में शामिल किया गया था. तब इसे लक्ष्मी टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज के नाम से जाना जाता था.
कंपनी ने 2004 में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में कदम रखा, जिसके बाद 2017 में इसका नाम बदलकर चक्रधारा एयरोस्पेस एंड कार्गो प्राइवेट लिमिटेड (सीएसीपीएल) कर दिया गया. सीएसीपीएल तब से रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष में असेंबली और सिस्टम एकीकरण परियोजनाओं के डिजाइन, विकास, निर्माण और अनुप्रयोग में लगी हुई है.
तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टीआरबी राजा ने एक ट्वीट में कहा, "चंद्रयान -3 की चंद्र लैंडिंग तमिलनाडु के लिए और भी अधिक गर्व का क्षण है, क्योंकि मिशन के प्रक्षेपण के लिए कई प्रमुख घटक सीएसीपीएल द्वारा बनाए गए हैं." राजा ने कहा, "तमिलनाडु के उभरते एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र ने पहले भी भारत की सबसे प्रतिष्ठित अंतरिक्ष परियोजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इससे हमारे आत्मविश्वास और महत्वाकांक्षाओं को मजबूती और बढ़ावा मिला है."
चंद्रयान का सफल प्रक्षेपण और लैंडिंग, बड़े पैमाने पर भारतीय उद्योग के लिए एक शानदार खबर है. राजा ने अपने ट्वीट में कहा, "इस क्षेत्र के लिए पाइपलाइन में अभी बहुत कुछ है।" सीएसीपीएल की ओर से इसपर सहमति जताते हुए राजन का कहना है "भारत के अंतरिक्ष मिशन में हमारा योगदान केवल भारतीय उद्योग की क्षमता को दर्शाता है."
सीएसीपीएल और इसकी मूल कंपनी लक्ष्मी मशीन वर्क्स से परिचित लोगों के लिए यह उपलब्धि कोई आश्चर्य की बात नहीं है. कोयंबटूर के प्रसिद्ध लक्ष्मी मिल्स परिवार द्वारा संचालित इस कंपनी समूह के प्रबंध निदेशक, संजय जयवर्तनवेलु में अंतरिक्ष में गहरी रुचि रखते हैं. राजन ने कहा, "उनके जुनून और प्रयासों से ही यह संभव हो सका है."

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