चांद हमारी मुट्ठी में : चंद्रमा पर ऐसे उतरा चंद्रयान-3 लैंडर, जानिए पूरी कहानी !


करोड़ों करोड़ भारतीयों को जिस पल का बहुत ही बेसब्री से इंतज़ार था, जिस सपने के सच होने की उम्‍मीद थी, वो घड़ी आ गई। हमारा चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह पर सही-सलामत लैंड कर गया है। 

भारतीय समय के अनुसार शाम के करीब छह बजकर चार मिनट पर इसरो के चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (साउथ पोल) पर लैंडिंग करके एक नया इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही भारत चांद पर उतरने वाला भारत का चौथा और चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया । चांद पर लैंडिंग करने वाले अन्‍य देशों में अमेरिका, चीन और सोवियत संघ शामिल हैं। 


इस गौरवशाली पल को इसरो के शीर्ष वैज्ञानिकों सहित भारत के करोड़ों आम और खास लोग टीवी की स्क्रीन पर टकटकी बांधे देख रहा था। चंद यान के लैंडर 'विक्रम' और रोवर 'प्रज्ञान' से लैस एलएम ने बुधवार शाम 6.04 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग की। इसरो के वैज्ञानिकों के अनुसार इस अभियान के अंतिम चरण में सारी प्रक्रियाएं पूर्व निर्धारित योजनाओं के अनुरूप ठीक से चलीं।  


इसरो ने 14 जुलाई को चंद्रयान-3 को लॉन्च किया था, जिसके बाद यह करीब एक माह दस दिन तक पृथ्वी और चंद्रमा के चक्कर लगाता हुआ बुधवार को चांद की सतह पर लैंड कर गया। इसरो के मुताबिक लैंडिंग के लिए लगभग 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर लैंडर ने 'पॉवर ब्रेकिंग फेज' में कदम रखा। इसके बाद अपनी गति को धीरे-धीरे कम करके, चंद्रमा की सतह तक पहुंचने के लिए अपने चार थ्रस्टर इंजन की 'रेट्रो फायरिंग' करके उनका इस्तेमाल किया। 


लैंडर के 6.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचने पर केवल दो इंजन का इस्तेमाल हुआ और बाकी दो इंजन बंद कर दिए गए, जिसका उद्देश्य सतह के और करीब आने के दौरान लैंडर को 'रिवर्स थ्रस्ट' (सामान्य दिशा की विपरीत दिशा में धक्का देना, ताकि लैंडिंग के बाद लैंडर की गति को धीमा किया जा सके) देना था। 


बता दें कि करीब चार साल पहले सितंबर 2019 में चंद्रयान-2 की लैंडिंग की कोशिश की गई थी, लेकिन ऐन मौके पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण उस वक्‍त सफलता नहीं मिल सकी थी। इसरो के वैज्ञानिकों ने इस बार सारी खामियों को सुधारते हुए पूरी तैयारी की थी। चंद्रयान-3 में इस बार कई तरह के बदलाव किए थे, जिससे इस बार सफलता मिलने में कोई संदेह न रहे। नतीजनत इस बार इसरो की मेहनत रंग लाई और लैंडर स्थिरता के साथ चंद्रमा पर लैंडिंग में कामयाब रहा।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ