सेना अपने देश की समाओं और नागरिकों की रक्षा के लिए होती है। इसीलिए दुनिया भर में लोग अपने देश की सेना का सम्मान करते हैं, लेकिन सेना अगर अपने ही देश के लोगों पर हमला करके उनकी जान लेने पर उतारू हो जाए, तो इसे क्या कहेंगे। ठीक ऐसी ही घटना हमारे पड़ोसी देश म्यांमार (बर्मा) में हुई है।
मध्य म्यांमार में सेना के एक घातक हवाई हमले में कई बच्चों समेत 100 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। हमले की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जो काफी भयावह और हैरान कर देने वाली हैं। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने सेना द्वारा अपने ही नागरिकों पर इस हमले की निंदा की है।
जानकारी के मुताबिक ये स्थान म्यामार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले से 110 किलोमीटर (70 मील) उत्तर में है।
जहां लोग सैन्य शासन के विरोधियों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे। इसे देखते हुए म्यामार की सैन्य सरकार ने इन लोगों पर हवाई बमबारी करने का आदेश दिया, जिसके बाद सेना ने सैकड़ों लोगों के समूह पर हवाई हमला बोल दिया.
वायु सेना के एक लड़ाकू विमान ने सागैंग प्रांत में कंबालू टाउनशिप के पाजिगी गांव के बाहर जमा भीड़ पर बम गिराए और फिर एक हेलीकॉप्टर से आग लगा दी। यहां सैन्य सरकार विरोधी समूह के स्थानीय कार्यालय के उद्घाटन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।
शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या लगभग 50 बताई गई, मगर स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों ने मृतकों की संख्या 100 से अधिक बताई है। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।म्यामार की की सैन्य सरकार ने रिपोर्टिंग पर बैन के कारण घटना के बारे में जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना संभव नहीं हो सका,
सैन्य सरकार के प्रवक्ता मेजर जनरल ज़ॉ मिन तुन ने राज्य टेलीविजन को एक फोन बयान में हमले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि हमला विद्रोही दल के कार्यालय के उद्घाटन के दौरान किया गया। साथ ही उन्होंने सरकार विरोधी ताकतों पर हिंसक अभियान छेड़ने का आरोप लगाते हुए सैन्य हमले को जायज ठहराया।

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