बिहार के छपरा जिले में एक ऐसी बारात निकली जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई, साथ ही लोग दूल्हे के साथ सेल्फी लेने लग गए।
असल में, अपनी आधा दर्जन बेटियों को पुलिस में भर्ती कराने वाले नाचाप गांव के रहने वाले कमल सिंह की 42 साल पहले शादी हुई थी। लेकिन मनमुटाव के कारण शादी के बाद वह ससुराल नहीं गए।
चार दशक बाद वह दोंगा की रस्म पूरे गाजे-बाजे, हाथी-घोड़ा और गाड़ियों के काफिले के साथ आमडाढ़ी गांव पहुंचे। रथ पर सवार दूल्हा बने कमल सिंह के साथ लोग सेल्फी ले रहे थे जो आकर्षण का केंद्र था।
बाजार में जाम से निपटने के लिए पुलिस तैनात रही। बच्चे पिता को घोड़े वाली बग्घी पर बैठाकर उनके ससुराल ले गए। इस कारण से पति-पत्नी दोनों खुश थी।
एकमा के आमदाढ़ी के रहने वाले कमल सिंह की शादी 42 साल पहले शारदा देवी के साथ हुई थी। लेकिन सास-ससुर की मौत के कारण पत्नी का दोंगा (गौना) नहीं हो पाया था।
इस रस्म में पत्नी को मायके से अपने पति के घर दोबारा जाना होता है। राजकुमार और शारदा के बच्चों ने उनकी इस रस्म को यादगार बना दिया।


0 टिप्पणियाँ
आपकी टिप्पणियों, प्रतिक्रियाओं व सुझावों का स्वागत है, पर भाषा की गरिमा और शब्दों की मर्यादा अवश्य बनाए रखें.