सीतामढ़ी के सुप्पी प्रखंड क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय उत्तरी, कंसारा में चापाकल का पानी पीने के बाद एक-एक कर दर्जनभर बच्चे अस्वस्थ होने लगे।
कुछ देर के लिए स्कूल में अफरातफरी का माहौल कायम हो गया। देखते ही देखते दर्जन भर बच्चे पेट व सिर दर्द से कराहने लगे।
चापाकल का पानी दूषित होने के संदेह पर प्रधान शिक्षक शशि शेखर प्रसाद उर्फ झुन्नू सिंह व शिक्षक भावेश सिंह ने भी पानी पीकर आशंका दूर करने की कोशिश की, तो वे दोनों भी अस्वस्थ हो गए।
प्रधान शिक्षक ने बीमार बच्चों को इलाज के लिए पीएचसी में भर्ती कराया। फिलहाल बच्चे स्वस्थ व खतरे से बाहर हैं।
पीएचसी प्रभारी डॉ मनोज कुमार गुप्ता की निगरानी में बच्चों का तुरंत उपचार शुरू किया गया। डॉ गुप्ता ने बताया कि सभी बच्चे उनकी निगरानी में अब स्वस्थ हैं।
प्रधान शिक्षक ने बताया कि रविवार को विद्यालय बंद था। विद्यालय में बाउंड्री वॉल व मुख्य दरवाजा नहीं है।
किसी उपद्रवी तत्व ने चापाकल में ढोडिया सांप को मार कर रख दिया था। इसी कारण दूषित पानी पीने से बच्चे अस्वस्थ हो गए।
बीमार बच्चों में आदर्श चौहान, आदर्श कुमार, खुशी कुमारी, आयुष कुमार, सत्यम कुमार, टीना कुमारी, रिचा कुमारी, निशा कुमारी, नीतू कुमारी, मोती कुमारी व शबनम कुमारी के अलावा प्रधान शिक्षक शशि शेखर प्रसाद व शिक्षक भावेश सिंह शामिल हैं।
इधर घटना की सूचना पर प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि नागेंद्र राय, ससौला मुखिया हेमंत मिश्रा, नरहा मुखिया अरुणोदय प्रकाश व प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष मनोज सिंह ने पीएचसी पहुंच बच्चों का हाल लिया।

0 टिप्पणियाँ
आपकी टिप्पणियों, प्रतिक्रियाओं व सुझावों का स्वागत है, पर भाषा की गरिमा और शब्दों की मर्यादा अवश्य बनाए रखें.