कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिसमें कितना भी हाथ-पैर मार लो लेकिन आपको निराशा ही हाथ लगती है। कुछ ऐसा ही झारखंड के जामताड़ा में हुई, जब एक दीवार एक बंदर की वजह से ढह गई और उसमें एक महिला की मौत हो गई।
इस मामले में जब परिजनों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की तो एफआईआर की मांग की गई। पुलिस के पास प्राथमिकी दर्ज कराने पहुंचे तो उन्होंने घटना के आरोपी व गवाह लाने के लिए कहा।
महिला के मौत के बाद परिवार उस बंदर को कहां से ढूंढे, जिसकी वजह से मौत हुई। इतना ही नहीं, घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी तीन दिन बाद पहुंचे, तब तक महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
अखबार के मुताबिक, इसी महीने चार फरवरी को बंदर के कूदने से जामताड़ा स्थित कुंडहित के बागडेहरी गांव में एक दीवार ढह गई। इसके मलबे में दबकर एक 35 वर्षीय महिला कविता मंडल की मौत हो गई।
इस बारे में सूचित करने के बाद वन विभाग तीन दिन बाद घटनास्थल पर पहुंची। मृत महिला के परिजनों ने मुआवजे की मांग की तो वन विभाग ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफआईआर की कॉपी दिखाने के लिए कहा।
परिवार के लोग एफआईआर दर्ज कराए तो किस पर कराए? उस बंदर को कहां से खोजकर लाए, जिसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। महिला के पति आशीष मंडल इस मामले में बेहद परेशान हैं और सोच में पड़ गए कि पत्नी की मौत के बाद मुआवजा तक नहीं मिल पा रहा।
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