रांची से बड़ी खबर आई है कि चारा घोटाला के सबसे बड़े डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में कोर्ट ने सजा का एलान कर दिया है।
लालू यादव समेत 38 दोषियों को सजा सुनाई गई। लालू यादव को कोर्ट ने 5 साल की सजा और 60 लाख रुपये जुर्माना लगाया है।
सजा का एलान होते ही लालू समर्थकों में मायूसी छा गई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सजा सुनाई गई। लालू यादव रिम्स के पेइंग वार्ड से जुड़े।
वहीं इस मामले में जेल में बंद दूसरे आरोपियों के लिए होटवार जेल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की गई थी।
डोरंडा ट्रेजरी से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की कहानी काफी दिलचस्प है। सीबीआई की जांच में जो खुलासा हुआ वो काफी चौंकाने वाला था।
इस मामले में पशुओं को फर्जी रूप से स्कूटर और बाइक पर ढोने की बात सामने आई। यह पूरा मामला 1990-92 के बीच का है।
सीबीआई ने जांच में पाया कि अफसरों और नेताओं ने मिलकर फर्जीवाड़े का अनोखा फॉमूर्ला तैयार किया।
400 सांड़ को हरियाणा और दिल्ली से कथित तौर पर स्कूटर और मोटरसाइकिल पर रांची तक ढोया गया, ताकि बिहार में अच्छी नस्ल की गाय और भैंसें पैदा की जा सकें।
पशुपालन विभाग ने 1990-92 के दौरान 2,35, 250 रुपये में 50 सांड़, 14, 04,825 रुपए में 163 सांड़ और 65 बछिया खरीदी।
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