अगर आपके पास भी है ये वाली बीमा पॉलिसी तो पढ़ लें ये जरूरी है खबर: सरकार ने घटा दी है टैक्‍स छूट

  • बजट से पहले ULIP की कर छूट पर सरकार ने चलाई कैंची, जानिए नई लिमिट


केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आम बजट से ठीक पहले आयकरदाताओं को बड़ा झटका देते हुए वित्‍तवर्ष 2021-22 के लिए यूनिट लिंक्‍ड इंश्‍योरेंस प्‍लान (ULIP) पर कर छूट की सीमा घटा दी है. 


बोर्ड ने इस बारे में सर्कुलर जारी कर धारा 10(10d) के यूलिप के तहत मिलने वाली यूलिप की राशि पर आयकर छूट के लिए सीमा 2.5 लाख रुपये निर्धारित कर दी है. 


इससे ज्‍यादा प्रीमियम चुकाने वाले करदाताओं को अब लांग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्‍स का भुगतान करना होगा. वित्‍तमंत्री निर्मला सीमतारमण ने इसका प्रावधान बजट 2020-21 में ही कर दिया था, इसे चालू वित्‍तवर्ष से लागू किया जा रहा है..


सरकार के इस कदम से काफी बड़ी संख्‍या में करदाताओं को झटका लगेगा, क्‍योंकि यूलिप आयकर छूट के लिए सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल किया जाने वाला विकल्‍प है, क्‍योंकि इसमें दोहरी कर छूट मिलती है. 


पहले तो जब बीमा खरीदा जाता है तो उसके प्रीमियम पर आयकर की धारा 80सी के तहत कर छूट दी जाती है. यह अधिकतम 1.5 लाख रुपये हो सकता है. 


दूसरी छूट आयकर की धारा 10(10d) के तहत बीमा पर मिलने वाले सम एश्‍योर्ड पर मिलती है, जिस पर कुछ विशेष नियम भी लागू होते हैं. सरकार ने इसी नियम में बदलाव किया है जिससे कर छूट की सीमा प्रभावित होगी. 



वित्‍त कानून 2021 कहता है कि अगर यूलिप का कुल प्रीमियम सालाना 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा हो जाएगा तो उस पर मिलने वाले सम एश्‍योर्ड को आयकर छूट के दायरे से बाहर कर दिया जाएगा. 


मतलब साफ है कि अगर किसी करदाता ने बीते वित्‍तवर्ष 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा का प्रीमियम यूलिप में चुकाया है तो उसे 80सी तो पूरी छूट दी जाएगी लेकिन 10(10d) के तहत छूट नहीं मिलेगी. सम एश्‍योर्ड की राशि में बोनस के रूप में मिलने वाला पैसा भी शामिल होगा.



इसपर नहीं होगा असर

नए नियमों का असर 1 फरवरी 2021 से पहले खरीदी यूलिप पॉलिसी पर नहीं होगा और करदाता इसके सम एश्‍योर्ड पर पहले की तरह ही आयकर छूट का दावा कर सकेंगे. 



छूट का हिसाब-किताब

अगर करदाता एक से अधिक पॉलिसी खरीदता है तो सभी पॉलिसी के कुल प्रीमियम को जोड़कर इसकी गणना की जाएगी. किसी ने कम प्रीमियम वाली कई यूलिप पॉलिसिंयां खरीदी हैं, जिनमें प्रत्‍येक का प्रीमियम 2.5 लाख से कम है, लेकिन सभी को जोड़कर यह सीमा पार होती है तो करदाता सिर्फ उन ही पॉलिसीज़ पर कर छूट प्राप्‍त कर सकेगा जिसका कुल प्रीमियम 2.5 लाख से ज्‍यादा न हो.



इस केस में मिलेगी पूरी छूट 

अगर बीमित व्‍यक्ति की मृत्‍यु पॉलिसी मेच्‍योरिटी से पहले ही हो जाती है तो उसके परिवार को सम एश्‍योर्ड के रूप में मिलने वाली पूरी राशि पर टैक्‍स छूट दी जाएगी. भले ही प्रीमियम 2.5 लाख की सीमा से ज्‍यादा हो.

  • ये भी पढ़ें

पूर्व सरपंच ने गर्भवती महिला को पीटकर जमीन पर घसीटा : वडियो वायरल होने पर गिरफ्तार


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ