अफवाह या बदइंतज़ामी ! कैसे मची माता वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ : जानिए पूरी कहानी

Full story of stampede in Mata Vaishno Devi temple
नए साल 2022 के पहले दिन माता वैष्‍णो देवी के दर्शन को उमड़ा भक्‍तों का रेला।

नए साल 2022 के पहले ही दिन जम्मू कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ के बड़े हादसे ने नए साल की शुरुआत को आफत भरा बना दिया।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ के कारण 12 लोगों की मौत हो गई, जबक 20 लोग इस घटना में घायल हो गए. 


भगदड़  शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात को करीब 2:45 बजे मंदिर के गर्भगृह के बाहर गेट नंबर तीन के पास हुई थी. 


जम्‍मू कश्‍मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने जानकारी दी है कि प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक लोगों में कुछ बहस होने के बाद एक दूसरे को धक्‍का मारने के बाद यह भगदड़ मची है. 


केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि मंदिर के रास्‍ते में तीन युवकों में झड़प के बाद वहां भगदड़ मच गई, जिसके चलते यह हादसा हुआ.


हालांकि वहां मौजूद लोगों का कहना है. एक चश्‍मदीद का कहना है कि ये भगदड़ पत्‍थर गिरने की अफवाह फैलने के बाद मची थी.


चश्‍मदीदों ने बताया है कि माता वैष्‍णो देवी भवन मार्ग पर काफी भीड़ थी. इस भीड़ को देखकर ही घबराहट हो रही थी. 


लोगों ने कहा है कि संकरे रास्‍ते पर भीड़ बढ़ने पर प्रशासन को लोगों को रोकना चाहिए था, पर ऐसा नहीं किया गया. एक ही समय पर दर्शन के लिए इतने सारे लोगों की पर्ची काटे जाने को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं. 


वहीं हादसे के बाद वैष्‍णो देवी यात्रा को प्रशासन की ओर से बंद कर दिया गया था. बाद में हालात सामान्‍य होने पर दोबारा यात्रा शुरू कर दी गई है. 


जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जानकारी दी है कि माता वैष्णो देवी भवन में भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों के लिए 2-2 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा.


प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी ने माता वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ की घटना पर शोक जताया है. प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ