बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक 37 वर्षीय व्यक्ति की ओर से बनाए गए निकाहनामा को मान्यता देने से इनकार कर दिया है।
महिला के मुताबिक, उसने अपनी बड़ी बहन के एक दोस्त को ड्राइविंग लाइसेंस दिलाने में मदद करने के लिए अपने निजी दस्तावेज दिए थे।
हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने विवाह को अमान्य घोषित कर दिया है। अमरावती में फैमिली कोर्ट ने भी शादी को मान्यता देने से मना कर दिया था।
फैमिली कोर्ट ने कहा था कि कथित शादी की तारीख पर, लड़की-लड़के का नाम न तो रजिस्टर्ड था और न ही विवाह प्रमाण पत्र जारी करने वाला अफसर ही अधिकृत था।
आरोपी ने दावा किया था कि वह उसकी कानूनी रूप से विवाहित पत्नी है। दोनों ने 7 अप्रैल, 2012 को अमरावती के एक विवाह केंद्र में निकाह किया था। लड़की इस दावे के खिलाफ अदालत पहुंची थी।
पुरुष ने दावा किया कि वे एक रिश्ते में थे। महिला ने 'गुप्त विवाह' पर जोर दिया ताकि उसकी शादी से उसकी बड़ी बहन की शादी की संभावनाओं पर असर न पड़े।
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