मध्य प्रदेश के इंदौर में मां के प्रेमी के साथ भाग जाने और छोटे-भाई बहनों की जिम्मेदारी खुद पर आने से युवती ने तनाव में आकर ख़ुदकुशी करने की कोशिश की।
वह फंदा बनाकर फांसी लगा ही रही थी कि तभी पुलिस पहुंच गई। बेहोशी की हालत में युवती को फंदे से उतारा और अस्पताल भेजा। इलाज के बाद उसकी हालत ठीक है।
खबर के मुताबिक, पलासिया पुलिस थाना पर सूचना मिली कि बड़ी ग्वालटोली स्थित एक मकान में युवती ने फांसी लगा ली है। जानकारी मिलते ही पुलिस घर पहुंचे। बाहर भीड़ लगी थी और लोग चीख पुकार मचा रहे थे।
पुलिस ने बिना देर किए दरवाजा तोड़ा। अंदर जाकर देखा तो एक युवती साड़ी का फंदा बनाकर लटकी हुई थी। उसे तुरंत नीचे उतारा और अस्पताल ले गए।
इलाज के बाद थोड़ा ठीक होने के बाद उससे पूछताछ की गई। तब लड़की ने बताया कि वे पांच बहने हैं। एक छोटा भाई है। वह सबसे बड़ी है। पूरे घर की जिम्मेदारी उसी पर है। कामकाज करके वह घर चलाती है।
लगभग चार साल पहले पिता की मौत हो गई थी। कुछ दिन पहले मां बच्चों को छोड़कर प्रेमी के पास चली गई। मां को समझाया लेकिन वह नहीं मानी।
इस कारण युवती मानसिक तनाव से घिर गई। उसे मां के जाने के बाद भाई-बहनों की परवरिश की चिंता सताने लगी। इसके चलते उसने आत्महत्या करने का सोचा।
युवती की बात सुनने के बाद थाना प्रभारी संजय सिंह बैस ने उसकी मां को थाने बुलवाया। युवती से उसे मिलवाया और पूरी घटना बताई। मां ने बताया कि वह अपने प्रेमी और बच्चों दोनों के साथ रहना चाहती है लेकिन बच्चे प्रेमी को घर में रखने के लिए तैयार नहीं है।
इस कारण वह बच्चों को छोड़कर प्रेमी के पास चली गई थी। पुलिस ने करीब चार घंटे तक बच्चों और मां की काउंसलिंग की। तब परिवार फिर से एक हुआ। पुलिस ने युवती से कहा कि अब वह ख़ुदकुशी जैसा कदम नहीं उठाएगी और कुछ भी तकलीफ होने पर पुलिस को सूचना देगी।
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