एकतरफा प्यार में कथित साधु ने महिला की गला काट कर दी हत्या, बचने के लिए बदला वेश


बिहार के पश्चिम चंपारण स्थित बगहा में एक कथित साधु मोती लाल यादव ने एक महिला की गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसे दबोच लिया है।

लक्ष्मीपुर निवासी बेचू यादव की पत्नी तारा देवी मठिया रेता में मवेशियों के लिए चारा काटने गई थी।

जब इसकी जानकारी ग्रामीणों को मिली, तो सभी आरोपी को देखने के लिए थाने पहुंच गए। आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए अपना हुलिया बदल लिया था।

आरोपी के चेहरे पर पछतावा दिख रहा था। अफसोस जताते हुए कहा कि उसने गुनाह तो किया है।

दरअसल 23 सितंबर को आरोपी ने एकतरफा प्यार में गांव की एक महिला की उसकी दो बेटियों के सामने ही गला काटकर हत्या कर दी थी। उसके बाद वह भाग निकला था।

कथित साधु जो भी काम करता था, पूरी प्लानिंग के साथ किया करता था। वह हत्या के बाद पुलिस गिरफ्त में न आए, इसके लिए अपना हुलिया बिल्कुल बदल लिया था।

अपने बाल और दाढ़ी को कटवा दिया था। साधु टीका भी नहीं कर रहा था। उसने अपना नाम भी बदल लिया था। फिर भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

साधु ने जहां महिला की हत्या की थी, उसी के पास 100 कदम की दूरी पर पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

साधु का आतंक आज से नहीं, बल्कि 1992 से है। वह चर्चित व्याधा हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। इसमें वह जेल की सजा काट चुका है।

इस केस में गवाह नहीं मिलने के कारण केस से बरी हो गया था, लेकिन कुछ वर्षों तक जेल की सलाखों के पीछे रहा था।

बगहा एसडीपीओ  कैलाश प्रसाद ने बताया कि हत्यारा साधु पहले से दाढ़ी-बाल बढ़ाकर साधु के वेश में रहा करता था।

लेकिन जब उसकी गिरफ्तारी हुई, उस वक्त उसने अपनी मूंछ-दाढ़ी मुंडवाकर जींस व शर्ट पहन रखा था।

रतवल  रजवटिया रोड के रतवल छठ घाट के पास पुलिस वाहन को देखते ही वह भागने लगा।

जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ा, तो उसने अपनी पहचान बदलकर नाम नारायण दास व घर रतबल बताया।

मृतका तारा देवी के पति बेचू यादव व उसकी बेटियों रूपा कुमारी, पूजा कुमारी और ममता कुमारी ने कहा कि साधु होने का ढोंग रचने वाले इस क्रूर हत्यारे को फांसी की सजा  मिलनी चाहिए। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ