शरद पूर्णिमा पर अपनी राशि के अनुसार उपाय कर चंद्र-दोष से पाएं मुक्ति


ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा मन का कारक होता है। इसका प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। शरद पूर्णिमा पर आप अपनी राशि अनुसार उपाय करने से चंद्रमा से संबंधी भाग्य के दोष दूर कर सकतेहैं। 


मेष राशि 

कन्याओं को खीर खिलाएं और चावल को दूध में धोकर बहते पानी में बहाएं। शरद पूर्णिमा पर मोती शंख पर केसर से स्वास्तिक बनाएं 108 अक्षत लेकर एक एक अक्षत महालक्ष्मी मंत्र बोलकर चढ़ाएं फिर चढ़ाए गए उन अक्षत को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने वाले स्थान में रखें।


वृषभ राशि 

वृषभ राशि में चंद्रमा उच्च का होता है। वृषभ राशि के स्वामी शुक्र देव को प्रसन्न करने के लिए दही और गाय का घी मंदिर में दान करें। घर में लक्ष्मी के स्थायी निवास के लिए, शरद पूर्णिमा की शाम से लेकर सुबह तक अखंड दीप जलाएं, क्‍योंकि चंद्रलोक में मां लक्ष्मी दीप रूप में विराजमान हैं। 


मिथुन राशि 

मिथुन राशि का स्वामी बुध चंद्रमा के साथ मिलकर व्यापारिक एवं कार्य क्षेत्र के निर्णयों को प्रभावित करता है। दूध और चावल का दान उत्तम रहेगा। शरद पूर्णिमा की रात्रि लक्ष्मी जी के छोटे नारियल की पूजा करके उसे पूजा स्थान पर स्थापित करें। अष्ट लक्ष्मी पर 8 कमल पुष्प चढ़ाकर महालक्ष्मी अष्टक का पाठ करने से भी माता लक्ष्मी प्रसन्‍न होती हैं।


कर्क राशि 

कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा ही होता है और ये मन का स्वामी भी है। इसलिए आपको तनाव मुक्त और प्रसन्न रहने के लिए मिश्री मिला हुआ दूध मंदिर में दान करना चाहिए। शरद पूर्णिमा दक्षिणावर्ती शंख से मां लक्ष्मी का अभिषेक करें और धूप, दीप, फूल से पूजा करें। श्रीसूक्त का पाठ करने से भी धन मिलता है।


सिंह राशि 

सिंह राशि का स्वामी सूर्य है। शरद पूर्णिमा के अवसर पर धन प्राप्ति के लिए मंदिर में गुड़ का दान करें तो आपकी आर्थिक स्थिति में परिवर्तन और लाभ हो सकता है।लक्ष्मी सहस्त्रनाम, लक्ष्मी अष्टोत्र नावामली, सिद्धिलक्ष्मी कवच, श्रीसूक्त, लक्ष्मी सूक्त, महालक्ष्मी कवच, कनकधारा के पाठ से कृपा मिलेगी।


कन्या राशि 

3 से 10 वर्ष तक की कन्याओं को भोजन में खीर खिलाना विशेष लाभदायक रहेगा। शरद पूर्णिमा की रात्रि लक्ष्मी जी के छोटे नारियल की पूजा करके उसे पूजा स्थान पर स्थापित करें। अष्टलक्ष्मी पर 8 कमल पुष्प चढ़ाकर महालक्ष्मी अष्टक का पाठ करें।


तुला राशि 

धार्मिक स्थानों, मंदिरों आदि पर दूध, चावल व शुद्ध घी का दान दें। शरद पूर्णिमा पर घर में लक्ष्मी जी के स्थायी निवास के लिए, पूर्णिमा की शाम से लेकर सुबह तक अखंड दीप जलाएं। चंअखंड दीप के प्रकाश से माता लक्ष्मी प्रसन्‍न होंगी।


वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि में चंद्रमा नीच का होता है। सुख-शांति और संपन्नता के लिए वृश्चिक राशि वाले लोग अपनी राशि के स्वामी मंगल देव से संबंधित वस्तु और कन्याओं को दूध व चांदी का दान दें। शरद पूर्णिमा पर मोती शंख पर केसर से स्वास्तिक बनाएं 108 अक्षत लेकर एक एक अक्षत महालक्ष्मी मंत्र बोलकर चढ़ाएं। चढ़ाये गए अक्षत को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने वाले स्थान में रखें।


धनु राशि 

धनु राशि वालों को शरद पूर्णिमा के अवसर पर किए गए दान का पूरा फल मिलेगा। चने की दाल पीले कपड़े में रखकर मंदिर में दान दें। शरद पूर्णिमा को आंवला की पूजा से भी लक्ष्मी का घर में प्रवेश होता है। चांदनी रात में रखे आंवले में औषधीय शक्ति भी आती है।


मकर राशि

बहते पानी में चावल बहाएं। इस उपाय से आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। शरद पूर्णिमा पर महालक्ष्मी को खीर, छुहारे की खीर, मेवे की खीर का भोग लगाएं। गाय के दूध में महालक्ष्मी का वास है, इसलिए उन्हें खीर बहुत प्रिय है।


कुंभ राशि

दृष्टिहीन या दिव्‍यांग व्यक्ति को भोजन करवाएं। शरद पूर्णिमा के दिन माता अष्ट लक्ष्मी की तस्वीर लेकर उसपर केसर का तिलक करके कमल चढ़ाकर महालक्ष्मी अष्टकम पढ़ें। इस उपाय से कुंडली में चाहे जैसा भी योग हो, महालक्ष्मी ऐश्वर्य प्रदान करती हैं।


मीन राशि 

शरद पूर्णिमा पर ताम्बे के बर्तन में चावल भरकर किसी ब्राह्मण को दान करने और भोज कराने से पुण्य और धन लाभ की प्रबल संभावना बनती है। इस दिन ब्राह्मण को खीर, कपड़े आदि का दान भी करना बहुत शुभ रहता है।

 

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