इस लड़के को कोर्ट ने दी अस्‍पताल में लोगों को पानी पिलाने की सजा : जानिए क्‍या है पूरा मामला!


16 वर्षीय किशोर को अपने से दो साल बड़ी लड़की का छेड़छाड़ की नीयत से हाथ पकड़ना महंगा पड़ गया। अब किशोर को चार महीने तक सिविल अस्पताल यमुनानगर में मरीजों और वहां आने वाले लोगों को पानी पिलाना होगा। 

यह फैसला किशोर न्याय परिषद की जज डा. मोहिनी की अदालत ने सुनाया है। बोर्ड की ओर से आर्डर की कापी सिविल अस्पताल के इंचार्ज को भेजी जाएगी। अस्पताल प्रशासन को उसकी कार्यशैली भी देखनी होगी। उसकी रिपोर्ट जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को देनी होगी। 

बोर्ड ने यह फैसला कम्यूनिटी सर्विस के तहत सुनाया है। एक अक्टूबर से उसकी सजा शुरू होगी। फिलहाल दोषी किशोर को घर भेज दिया गया है। किशोर को रोजाना सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक सिविल अस्पताल में पानी पिलाना होगा। 

शहर यमुनानगर पुलिस ने 13 जुलाई 2019 को थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक कालोनी निवासी 18 वर्षीया किशोरी की शिकायत पर कालोनी के ही 16 वर्षीय किशोर के खिलाफ छेड़छाड़ व साजिश करने का केस दर्ज किया था।

 पुलिस को दी शिकायत में पीडि़ता ने कहा कि जब भी वह घर से बाहर आती जाती है, तो किशोर उसके साथ छेड़खानी करता है। 12 जुलाई को गली में दोनों पक्षों में लड़ाई हुई थी। वह घर के दरवाजे पर खड़ी थी। इसी दौरान किशोर वहां पर आया और उसने उसका हाथ पकड़ लिया। 

कुछ दूरी पर पीडि़ता का पिता भी खड़ा था। जब पीडि़ता ने उन्हें पूरी बात बताई, तो वह मौके से फरार हो गया। पीडि़ता के मुताबिक किशोर का भाई, उसे यह सब करने का बढ़ावा दे रहा है।



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