मुंबई के नजदीक उल्हासनगर में प्रदीप गरड अपनी मां को अनोखा तोहफा देकर शहर में मशहूर हो गए हैं। असल में रेखा गरड शादी के बाद उल्हासनगर रहने लगी।
जब उनके बच्चे छोटे थे तब ही उनके पति की मौत हो गई। उन्होंने बड़ी मुश्किल से अपने बच्चों को पढ़ाया। जब बड़ा बेटा प्रदीप बारहवीं कक्षा में था तब उसके घर के ऊपर से अचानक एक हेलीकॉप्टर गुजरा तभी मां ने अपने बड़े बेटे से कहा, क्या हम कभी हेलीकॉप्टर में बैठ पाएंगे?
मां की बात प्रदीप के दिमाग में बैठ गई। वह मां की ख्वाहिश को पूरा करने के लिए नौकरी करने लगा। धीरे-धीरे उसकी तरक्की हुई और वह अपनी मां और परिवार के साथ चॉल से एक फ्लैट में शिफ्ट हो गया। प्रदीप की शादी भी हो गई लेकिन उसे हमेशा मां की इच्छा को पूरा करने की बात परेशान कर रही थी।
आख़िरकार उसने अपनी मां के पचासवें जन्मदिन पर सरप्राइज देते हुए हेलिकॉप्टर से आसमान की सैर कराने का प्लान बनाया। हेलीकॉप्टर में बैठकर प्रदीप की मां की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अपनी मां को हेलीकॉप्टर से मुंबई दर्शन करवाने के बाद वह पूरे शहर में मशहूर हो गया।

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