इसके अलावा अन्य प्रकार के गैर वित्तीय ट्रांजेक्शन जैसे बैलेंस इंन्क्वायरी, मिनी स्टेटमेंट, चेकबुक रिक्वेस्ट आदि के लिए 5 रुपये से बढ़ा कर 6 रुपये कर दी गई है. इंटरचेंज फीस 1 अगस्त 2021 से लागू हो गई है. बता दें कि इंटरचेंज फीस दूसरे बैंक के एटीएम से प्रतिमाह ट्रांजेक्शन की एक तयशुदा सीमा के बाद कैश निकालने या दूसरे ट्रांजेक्शन पर लगाई जाती है.
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई ) ने बैंकों केा एटीएम लगाने और इनके मेंटनेंस के खर्च में बढ़ोतरी की वजह से चार्जेज बढ़ाने की अनुमति दी है. बैंक काफी समय से इंटरचेंज फीस में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे, जिसके बाद आरबीआई ने जून 2019 में एटीएम चार्ज और फीस की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित की थी.आरबीआई ने कहा है कि इस कमेटी की सिफारिशों पर गौर करने के बाद एटीएम ट्रांजेक्शन फीस में बढ़ोतरी का फैसला किया गया. एटीएम के इंटरचेंज शुल्क में पिछली बार अगस्त 2012 को बढ़ोतरी की गई थी.

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