झारखंड में सरकार गिराने की साजिश पर्दाफाश करने दिल्ली रवाना हुई रांची पुलिस की टीम

झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्‍व वाली सरकार को गिराने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का भंडाफोड़ होने के बाद अब इस मामले की जांच के लिए 4 टीमें बनायी हैं। इसमें से एक टीम जांच करने के लिए दिल्ली भी रवाना हो गयी है।

जानकारी के अनुसार एक टीम का नेतृत्व खलारी के डीएसपी अनिमेष नैथानी कर रहे हैं। दिल्ली में यह टीम उन होटलों से साक्ष्य जुटायेगी, जहां विधायक ठहरे थे और महाराष्ट्र के कथित नेताओं से मुलाकात हुई थी। पुलिस उन जगहों का सीसीटीवी फुटेज और होटल का रिकॉर्ड भी खंगालेगी।

इसके अलावा एसएसपी ने डीएसपी प्रभात रंजन बरवार को पूरे मामले की जांच का आइओ बनाया है। डीएसपी प्रभात रंजन के अलावे अलग-अलग डीएसपी इस मामले की जांच में जुटे हैं। साइबर डीएसपी यशोधरा भी जांच के लिए बनायी गयी एक टीम का नेतृत्व कर रही हैं। साइबर डीएसपी इस मामले में सभी फोन कॉल तथा अन्य तथ्यों को जुटाने में लगी हैं।

साइबर डीएसपी ने इस मामले की जांच शुरू भी कर दी है। सबसे पहले उन फोन नंबरों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, जिनका जिक्र गिरफ्तार किये गये आरोपियों ने किया है। बता दें कि रांची पुलिस ने 22 जुलाई की रात को 3 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया था कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से 2 लाख रुपये बरामद किये गये हैं। पुलिस ने तीनों पर सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगाया था।

रविवार को कांग्रेस के कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि उन्हें मंत्री पद के साथ मोटी रकम का ऑफर देने का मामला सामने आया। इसके बाद से झारखंड की राजनीति पूरी तरह से गर्म हो गयी है। हाल में दिल्ली गये पार्टी के कुछ विधायकों पर भी संदेह के बादल मंडराने लगे हैं। कहा जा रहा है कि उमाशंकर अकेला, डॉ इरफान अंसारी और अन्य विधायक भी दिल्ली गये थे।

इधर, सरकार गिराने के आरोप में जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें से एक आरोपी अभिषेक दुबे ने पूरे मामले पर अपना कबूलनामा पुलिस को दिया है। कुछ दिनों पहले कांग्रेस के विधायकों के दिल्ली जाने का मामला भी तूल पकड़ता जा रहा है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ