अपनी अलमस्त मिजाज़ी के लिए मशहूर काशी यानी वाराणसी में अचानक से सरगर्मी बढ़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी तीसरी बार यहां से लोकसभा चुनाव का पर्चा भरने जा रहे है।
14 मई को नामांकन की अंतिम तारीख के दिन एक लंबा रोड-शो करने के बाद मोदी अपना पर्चा दाखिल करेंगे। इससे पहले वह 2014 और 19 में भी यहां से चुनाव लड़कर जीत चुके हैं।
वाराणसी में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही पूरा का पूरा डॉगी मीडिया पूरी स्वामी भक्ति के साथ मोदी के महिमा गान की खबरें परोसने में जुट गया। पीएम के कार्यक्रम की तैयारियों और उसकी भव्यता को लेकर समा बांधा जाने लगा। किसी ने खबर चलाई कि 10 हजार किलो गेंदे, 5 हजार किलो गुलाब के फूलों की होग वर्षा, तो किसी ने बताया कि लगातार तीसरी बार पीएम की प्रचंड जीत के लिए बीजेपी के ‘चाणक्य’ अमित शाह ने बनारस में मोर्चा संभाला।
इस सब चारण गान के बीच एक सबसे जरूरी और हैरान कर देने वाली खबर कहीं दबा दी गई। ये खबर है वाराणसी में पीएम के खिलाफ पर्चा दाखिल करने से प्रत्याशियों को रोके जाने की। उनको नामांकन पत्र न देने और पर्चा दाखिल करने में तरह-तरह की बाधाएं खड़ी किए जाने की।
ये सारा मामला तब थोड़ी हाइलाइट में आया जब पीएम मोदी की मिमिक्री करने वाले कॉमेडियन श्याम रंगीला ने ...

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