पाकिस्‍तान का नाम लेकर नफ़रत फैला रहे मोदी को पंजाब के व्यापारियों ने दिया करारा जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां हिन्‍दू-मुसलमान करके और पाकिस्‍तान के खिलाफ लोगों को गुस्‍सा भड़का कर हिन्‍दू वोटों के सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिशो में जी जान से जुटे हैं, वहीं स्‍वर्ण मंदिर के लिए दुनिया भर में मशहूर पंजाब के अमृतसर शहर के कारोबारियों ने पाकिस्‍तान के साथ कारोबार बहाल करने को इस बार का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना रखा है। 

अमृतसर के व्यापारियों और उद्योग के लिए अटारी-वाघा भूमि मार्ग से पाकिस्तान के साथ व्यापार फिर से शुरू किया जाना इस बार का सबसे बड़ा बड़ा चुनावी मुद्दा है. उनका कहना है कि सीमा पार पाकिस्तान के साथ व्यापार को फिर से चालू किए जाने से पंजाब के लाखों किसानों, ट्रांसपोर्टरों और मजदूरों को काफी फायदा होगा.

2019 में द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को निलंबित करने से पहले भारत और पाकिस्तान के बीच भूमि मार्ग से करीब 5,000 करोड़ रुपये का सालाना व्यापार होता था. व्यापारियों ने कहा कि पाकिस्तान के साथ व्यापार फिर से शुरू करने से न केवल अमृतसर की इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के अधिक अवसर भी पैदा होंगे. इसके चलते स्थानीय उद्योग जगत ने भी इस बार के लोकसभा चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों से यह स्पष्ट कह दिया है कि अमृतसर की बेहतरी और तरक्की के लिए व्यापार पाकिस्तान के साथ व्यापार को बहाल किया जाना जरूरी है.

  • पाकिस्तान के साथ व्यापार की बहाली को बनाा लोकसभा चुनाव का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा 
  • दो तरफा कारोबार में तेजी आने से पंजाब के किसानों और ट्रांसपोर्टरों को होगा फायदा, ड्राइवरों और श्रमिकों को भी मिलेगा रोजगार

सात चरण में कराए जा रहे लोकसभा चुनाव के अंतिम दौर में 1 जून को पंजाब के 12 संसदीय क्षेत्रों के साथ अमृतसर में भी मतदान होगा. अमृतसर के उद्योगपति राजदीप उप्पल ने कहा, "सरकार को पाकिस्तान के साथ व्यापार फिर से शुरू करना चाहिए, क्योंकि अमृतसर में कोई मैन्‍युफैक्‍चरिंग इंडस्‍ट्री नहीं है."


सीआईआई अमृतसर जोन काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष उप्पल ने कहा, "भारत-पाक व्यापार अमृतसर की अर्थव्यवस्था का एक स्तंभ था, जिससे इस क्षेत्र को न केवल आर्थिक रूप से लाभ हुआ, बल्कि क्षेत्र में शांति और समृद्धि कायम करने में भी इसकी अहम भूमिका रही है.'' 


अटारी-वाघा भूमि मार्ग के माध्यम से भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार 2019 से नहीं हो रहा है. हालांकि, इस मार्ग से अफगानिस्तान से आयात अब भी से जारी है. फरवरी 2019 में हुए पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से आयातित सभी उत्पादों पर 200 फीसदी सीमा शुल्क लगा दिया था. दूसरी ओर, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म करने के मद्देनजर अगस्त 2019 में भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को निलंबित कर दिया था.


उप्पल ने बताया कि पाकिस्तान के साथ व्यापार फिर से शुरू होने से सीमावर्ती जिले अमृतसर में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट पर भी कई लोगों को रोजगार मिल सकेगा. अमृतसर के उद्योगपतियों का कहना है कि जब व्यापार पर प्रतिबंध नहीं था, तब यहां रोजाना तकरीबन 2,500 कुलियों को काम मिलता था. इसी तरह, ट्रक ड्राइवरों को आयात और निर्यात की जाने वाली चीजों की आपूर्ति करने का भरपूर काम मिलता था. हर दिन तकरीबन 500 ट्रक आयात-निर्यात की डिलीवरी में लगते थे. 


भारत आलू, टमाटर, अदरक, लहसुन और मसाले, सूती धागे, सोयाबीन निष्कर्षण, रंग और टायर सहित सब्जियों का निर्यात पाकिस्तान को करता था और वहां से सूखे फल, सीमेंट, जिप्सम और सेंधा नमक का आयात होता था. व्यापारियों ने बताया कि पाकिस्तान के साथ व्यापार की बहाली न केवल व्यापार और उद्योग जगत के लिए फायदेमंद होगी, बल्कि यह किसानों के लिए भी लाभदायक साबित होगी, क्योंकि उन्हें अपनी उपज के लिए एक बड़ा बाजार वापस मिल जाएगा.


उप्पल ने कहा " पाकिस्तान हमारे किसानों के लिए सबसे बड़े बाजारों में से एक था. आलू, टमाटर, मटर और हर तरह की सब्जी का निर्यात किया जाता था. अगर किसी सब्जी की कमी होती थी, तो पाकिस्तान से उसका आयात भी किया जाता था." इससे खरीदार और किसान दोनों ही खुश थे.''  उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यापार फिर से शुरू किया जाना व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों, किसानों और मजदूरों सभी के हित में है. इसलिए इसे अविलंब बहाल किया जाना चाहिए. 


अमृतसर स्थित एक अन्य निर्यातक ने भी पाकिस्तान के साथ व्यापार बहाल करने की वकालत करते हुए कहा कि अमृतसर एकमात्र ऐसा शहर है जिसके तीन प्रवेश द्वार हैं - रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी. उन्होंने कहा, ''यहां 'पाकिस्तान के साथ व्यापार की बहुत बड़ी संभावना है. साथ ही इस मार्ग के माध्यम से मध्य एशिया के साथ व्यापार की भी संभावना है.'' 


भारत और पाकिस्तान द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भारत में अमृतसर में अटारी चेक पोस्ट से पाकिस्तान में वाघा सीमा तक 60 साल के अंतराल के बाद अक्टूबर 2007 में ट्रकों की सीमा पार आवाजाही शुरू करने पर सहमत हुए थे. भारत और पाकिस्तान के बीच यातायात की सुचारू रूप से आवाजाही के लिए 2012 में अटारी-वाघा सीमा पर एक इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट स्थापित किया गया था.


इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अमृतसर में पूर्व अमेरिकी राजनयिक तरणजीत सिंह संधू को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने गुरजीत सिंह औजला को अपना उम्मीदवार बनाया है और शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार पूर्व मंत्री अनिल जोशी हैं. आम आदमी पार्टी ने कुलदीप सिंह धालीवाल को मैदान में उतारा है.


  • ये भी देखें

Nomination Scam in Varanasi - बनारस में मोदी के गंदे गेम का खुलासा






एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ