दरअसल, राहुल गांधी की आदिवासियों के बीच महुआ खाते हुए एक फोटो सोशल मीडिया पर आने के बाद BJP की IT सेल के चमन-चिरकुटों की तरह ही मोहन यादव ने एक बयान में कह दिया कि राहुल ने महुआ खाकर अपनी आदतों के बारे में बता दिया है। बता दें कि जंगलों में आदिवासी समाज के लोग महुआ के फूल का इस्तेमाल शराब बनाने में भी करते हैं।
मोहन यादव के इस घटिया बयान पर कांग्रेस ने जबर्दस्त तरीके से उनपर जुबानी हमला किया है। कांग्रेस ने यादव के बायान की निंदा करते हुए कहा है कि सीएम मोहन यादव ने अपने इस घटिया बयान से आदिवासी रीति-रिवाजों और परंपराओं का अपमान किया है।
कांग्रेस ने कहा कि मोहन यादव का यह बयान न सिर्फ उनकी ओछी भाषा और टुच्ची सोच को दर्शाता है, बल्कि इस से यह भी पता चलता है कि वह अपने ही प्रदेश के आदिवासी समुदाय के लोगों और उनकी परंपराओं के बारे में कैसी निचले दर्जे की सोच रखते हैं।
कांग्रेस का कहना है कि पूजा-पाठ से लेकर आदिवासियों के पारंपरिक खान-पान में इस्तेमाल होने वाले महुए को उन्होंने सीधे शराब से जोड़कर मध्य प्रदेश के आदिवासी समाज को नशेडि़यों के समुदाय के रूप में चित्रित करने का प्रयास किया है। कांग्रेस के इस आरोप के बाद सोशल मीडिया पर मोहन यादव की जमकर किरकिरी हो रही है।
बता दें कि राहुल गांधी सोमवार को चुनावी सभा के लिए शहडोल गये थे। मंगलवार की सुबह शहडोल से उमरिया जाते वक्त राहुल गांधी रास्ते में रुके और महुआ फूल चुन रही महिलाओं से बातचीत की। राहुल गांधी ने कुछ महुआ के फूल भी चखे। कांग्रेस ने इसका एक वीडियो एक्स पर पोस्ट किया।
कांग्रेस ने अपने पोस्ट में लिखा महुआ आदिवासी समुदाय के लिए जंगल आजीविका का मुख्य स्रोत है। इसी वजह से हमने आदिवासियों की जल-जंगल-जमीन की रक्षा करने का प्रण लिया है। राहुल गांधी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता देख मुख्यमंत्री मोहन यादव बेचैन हो उठे।
उज्जैन में इस बारे में एक संवाददाता के प्रश्न पर यादव ने कहा कि राहुल गांधी राजनीति के लिए उपयुक्त नहीं हैं। वह जबरदस्ती के नेता हैं। उनका पिंड राजनीति लायक नहीं है। यदि उन्हें महुआ चुनना होगा तो हम मध्य प्रदेश में उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने महुआ (फूल) खाकर बता दिया कि उनके शौक क्या हैं।
कांग्रेस ने मोहन यादव की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने आदिवासी रीति-रिवाजों और परंपराओं का अपमान किया है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन आदिवासियों का अपमान किया है जो कई रूपों में महुआ का इस्तेमाल करते हैं।
सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को आदिवासियों से तुरंत माफी मांगनी चाहिए अन्यथा हम उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।मामले को तूल पकड़ता देख भाजपा अब मुख्यमंत्री की इस बदजुबानी से किनारा करती नजर आ रही है। कई भाजपा नेताओं ने इस मसले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

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