भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने Electoral Bond के जरिए राजनीतिक दलों को दिए गए चंदे की जो जानकारी सार्वजनिक की है, उससे दो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पहली बात यह है कि सबसे ज्यादा चंदा उन्ही कंपनियों ने दिया है, जिनपर ईडी का छापा पड़ा। दूसरी बात, सबसे ज्यादा करीब 51 फीसदी चंदा अकेले भाजपा को मिला है।
दी गई जानकारी से पता चला है कि जिस कंपनी फ्यूचर गेमिंग के खिलाफ मार्च 2022 में प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन के आरोप में जांच की थी, उस कंपनी ने 1350 करोड़ रुपये से अधिक के चुनावी बांड खरीदकर चुनावी चंदा दिया।
फ्यूचर गेमिंग वही कंपनी है, जिसके खिलाफ मार्च 2022 में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच की थी। इस कंपनी ने दो अलग-अलग कंपनियों के जरिये 1,350 करोड़ रुपये से अधिक के चुनावी बांड खरीदे।
हालांकि इलेक्शन कमीशन की तरफ से दी गई जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि किस डोनर ने किस राजनीतिक पार्टी को चंदा दिया है। फिलहाल ये जानकारी दी गई है कि किस डोनर ने कितना चंदा दिया है और किस पार्टी को कितना चंदा मिला है।
जानकारी के मुताबिक पिछले 5 सालों में देश के मुख्तलिफ राजनीतिक पार्टियों को चुनावी बॉन्ड के जरिए 12 हजार 769 करोड़ का चंदा दिया गया है। इसमें सबसे ज्यादा 60,60.52 करोड़ चंदा भाजपा को मिला है।
निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से मिली समय सीमा से पहले बांड के जरिए चंदा देने-लेने वालों के नामों की जानकारी अपने वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी। आयोग ने अपनी वेबसाइट पर दो फाइलों का ब्योरा दिया है। इसमें एक में चंदा देने वालों का नाम और रकम है, जबकि दूसरी फाइल में चंदा लेने वाले राजनीतिक दलों व रकम का ब्योरा है।
सार्वजनिक किए गए विवरण से साफ होता है कि राजनीतिक दलों को चंदा देने वालों स्टील टाइकून लक्ष्मी मित्तल से लेकर एयरटेल के प्रवर्तक अरबपति सुनील भारती मित्तल के अलावा वेदांता समूह के अनिल अग्रवाल, आईटीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा के अलावा फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज के नाम प्रमुख रूप से हैं।
अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाले वेदांता लिमिटेड ने 398 करोड़ रुपये के बांड खरीदे। जबकि, सुनील मित्तल की तीन कंपनियों ने मिलकर कुल 246 करोड़ रुपये बांड के जरिए राजनीतिक दलों को चंदा दिया। इसके अलावा लक्ष्मी निवास मित्तल ने अपनी व्यक्तिगत क्षमता में 35 करोड़ रुपये के बांड खरीदे।
जानकारी के अनुसार हैदराबाद की मेघा इंजीनियरिंग कंपनी, जिसे कई बड़ी बुनियादी ढांचा से जुड़ी परियोजनाओं का ठेका मिला उसने 966 करोड़ रुपये के बांड खरीदे। कल केसीआर की बेटी और भारत राष्ट्र समिति (BRS) की एमएलसी के कविता को दिल्ली शराब घोटाले में आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के तार इसी कंपनी से जुड़े बताए जा रहे है।

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