मथुरा में शातिर ढंग से साजिश रचकर प्रेमिका द्वारा अपने प्रेमी की हत्या का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने कार में शव मिलने के मामले की जांच कर हत्या की इस साजिश का खुलासा किया है.
पुलिस ने 26 फरवरी को एक कार के अंदर जले हुए शव बरामद होने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक युवक को उसकी प्रेमिका के परिवार ने सगाई समारोह में बुलाया था. यहां उसका स्वागत सत्कार कर उसे तरह-तरह के व्यंजन खिलाए फिर शराब पिलाने के बाद उसे मौत के घाट उतार दिया गया.
थाना फरह के नगला दीनदयाल धाम के पास 26 फरवरी को एक जली हुई कार में युवक का शव मिला था. पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच की, जिसमें सबसे पहले कार के चेसिस नंबर के आधार पर पता चला. कार आगरा के विजय तोमर की थी.
विजय तोमर से जब पूछताछ हुई, तो पता चला कि कार को भाई का मित्र पुष्पेंद्र यादव मांग कर ले गया था. कासगंज का रहने वाला पुष्पेंद्र आगरा में ट्रांसपोर्ट का काम करता था. उसके प्रेम संबंध आगरा के सिकंदरा इलाके की रहने वाली 19 वर्षीय युवती डॉली से हो गए. वह प्रेमिका से मिलने जुलने लगा.
युवती के पिता अवधेश को जब इसका चला तो उसने आपत्ति जताई. इसके बाद पुष्पेंद्र अपनी प्रेमिका को 6 महीने पहले भगा ले गया. इस पर पिता ने थाना सिकंदरा में पुष्पेंद्र के खिलाफ अपहरण का मुकद्दमा दर्ज करा दिया था.
दोनों के वापस आने के बाद लड़की के घर वालों ने उसपर दबाव बनाकर पुष्पेंद्र के खिलाफ बयान दिला कर पुलिस केस बना दिया. इसके बाद पुष्पेंद्र ने कोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली. इसके बाद पुष्पेंद्र प्रेमिका पर शादी करने के लिए दबाव बनाने लगा.
इसकी जानकारी लड़की ने अपने पिता अवधेश यादव, मां भूरी देवी और भाई राजेश को दी. युवती का पिता सिकंदरा थाना का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है और उसे आजीवन कारावास की सजा भी हो चुकी है. अवधेश की जमानत भी मृतक पुष्पेंद्र ने ही कराई थी.
युवती के पिता अवधेश ने इस बीच उसकी शादी राजस्थान के एक युवक से तय कर दी. पुष्पेंद्र को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने शादी तुड़वाने की बात कही. जिसके बाद युवती और उसके परिवार वालों ने पुष्पेंद्र की हत्या की साजिश रची.
26 फरवरी को डॉली की सगाई थी. अवधेश ने बेटी से फोन कराकर पुष्पेंद्र को घर बुलाया. जहां उसे शराब पिलाई. अधिक नशे में होने पर डॉली, उसकी मां भूरी देवी, पिता अवधेश और भाई राजेश ने गला दबाकर पुष्पेंद्र की हत्या कर दी.
हत्या के बाद रात 10 बजे से करीब 3 बजे तक शव को घर में ही छिपाए रखा. रिश्तेदारों के जाने के बाद पुष्पेंद्र का शव उसी की गाड़ी में रखा फिर उसे ठिकाने लगाने के लिए शव को कार में आग लगा दी.

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