हरियाणा में मचे राजनीतिक भूचाल के चलते BJP-JJP गठबंधन में टूट के चलते मुख्यमंत्री पद से मनोहर लाल खट्टर और उनकी कैबिनेट के इस्तीफे के बाद आज सुबह से ही राज्य में सियासी गतिविधियां हर पल करवटें बदलती रहीं.
दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी से गठबंधन टूटने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब प्रदेश में नए सिरे से सरकार बनने जा रही है. नई सरकार की कमान नायब सैनी के हाथों होगी और खट्टर की जगह अब वह प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे.
विधायकों की बैठक में नायब सैनी के नाम पर सहमति बन गई है. सैनी की पहचान ओबीसी नेता की है. इसलिए माना जा रहा है कि सैनी के चेहरे को आगे कर भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव में बड़ा सियासी दांव चलने जा रही है. कहा यह भी जा रहा है कि दो बार किसान आंदोलन से ठीक से न निपट पाने के चलते खट्टर को साइड लाइन किया जा रहा है.
नायब सैनी फिलहाल हरियाणा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं. वह 2019 में लोकसभा सांसद के तौर पर चुनकर संसद पहुंचे थे. उनके राजनीतिक सफर की अगर बात करें तो इससे पहले के उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री, जिला महामंत्री, जिलाध्यक्ष के तौर पर काम किया है.
हालांकि सैनी की राजनीतिक यात्रा असल मायने में 2002 में शुरू हुई. इस साल उनको हरियाणा में बीजेपी के युवा मोर्चा का कामकाज देखने का जिम्मा मिला. इसके बाद उन्होंने जिला अध्यक्ष के तौर पर काम किया और 2009 में बीजेपी किसान मोर्चा हरियाणा के प्रदेश महामंत्री बने. 2014 में वे नारायणगढ़ सीट से विधायक बने और फिर 2016 में हरियाणा सरकार में राज्य मंत्री रहे.
दूसरी ओर, प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे मनोहर लाल खट्टर को लोकसभा चुनाव के बाद संगठन या सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि लोकसभा चुनाव 2024 में खट्टर करनाल सीट से भाजपा के उम्मीदवार हो सकते हैं. हालांकि भाजपा ने उनकी उम्मीदवारी को लेकर कुछ नहीं कहा है.

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