30 रुपये में करोड़पति बन गया ये चायवाला, फिर पहुंच गया पुलिस के पास : जानिए पूरा मामला


बैठे-बिठाए अगर आपको पता चले कि आप अचनाक से करोड़पति बन गए हैं, तो आपकी पहली प्रतिक्रिया क्‍या होगी? बेहद खुशी के साथ ही आपको इस बात की चिंता और उलझन भी जरूर होगी इस पैसे को मैं संभालूगा कैसे? कहीं कोई इसे मुझसे छीन न ले वगैरह.

कुछ ऐसा ही वाकया बंगाल के एक चाय वाले के साथ हुआ. पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के दुबराजपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर 6 में रहने वाले अरुण गोराई के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. एक 30 रुपये के एक लॉटरी टिकट ने उनकी किस्‍मत कुछ इस तरह बदली कि अचानक वह करोड़पति बन गए.

करोड़पति बनने की खबर मिलने पर एक अप्रत्‍याशित खुशी के साथ ही तमाम तरह की चिंताओं ने उन्‍हें घेर लिया. इसमें सबसे पहली फिक्र थी अपनी और उन्‍हें लॉटरी से मिलने वाले पैसे की सुरक्षा की, जिसे लेकर वह सीधे पुलिस के पास मदद मांगने पहुच गए.

बीरभूम जिले के दुबराजपुर के अरुण गोराई एक चाय बेचते हैं. दुबराजपुर सब-डिविजनल कोर्ट के सामने उनकी एक छोटी सी चाय की दुकान है. इससे रोजाना उनकी तकरीबन 400 से 500 रुपए की कमाई हो जाती है. लॉटरी टिकट खरीदने की उन्‍हें काफी समय से आदत रही है. वह हर दिन रोज 120 से 150 रुपये की लॉटरी खरीदते हैं.

लंबे समय से चली आ रही उनकी यह आदत यह उनके चेहरे पर मुस्कान ले आई, जब महज 30 रुपये के एक लॉटरी टिकट ने 1 उन्‍हें करोड़ रुपये का इनाम दिला दिया. अरुण गोराई ने कहा, 'मैंने 30 रुपये का टिकट खरीदा. दोपहर में मुझे खबर मिली कि मेरे लॉटरी टिकट पर 1 करोड़ रुपये का इनाम निकला है. इसके बाद मैं पार्षद भास्कर रूज के साथ पुलिस स्टेशन गया.'

उन्होंने कहा, 'मेरे आर्थिक परेशानी से जूझ रहा था. अब मेरे पास पैसा है, तो मैं चाहता हूं कि मेरे परिवार की स्थिति में सुधार हो. मैं अकसर यही सोचता था कि काश किसी दिन मुझे अपनी किस्मत का साथ मिले.'


अरुण ने ये भी कहा कि इनाम जीतने की खबर सुनकर पहले तो वो डर गए. वह इस बात को लेकर परेशान थे कि इतनी बड़ी रकम को कैसे संभालेंगे. बाद में उन्होंने पार्षद और एक दोस्त से इस बारे में चर्चा की और फिर पुलिस को सूचना दी.


उन्होंने कहा कि वह इस पैसे का इस्तेमाल अपने घर और दुकान को बेहतर बनाने में करेंगे. पार्षद भास्कर रूज ने कहा, 'अरुण गोराई ने लॉटरी में टिकट खरीदा और 1 करोड़ रुपये का इनाम जीता. मुझे जब इसका पता चला, तो मैंने इनसे कहा कि मेरे पास आओ, फिर मैं यह जानने के लिए इन्‍हें पुलिस स्टेशन ले गया कि ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए क्या नियम-कानून हैं.'


अरुण गोराई को पुलिस ने बता दिया है कि इस मामले में उन्‍हें क्या करना है. अरुण ने पहले भी कई बार लॉटरी पुरस्कार जीते हैं, लेकिन इतना बड़ा इनाम उन्होंने पहली बार जीता है. ऐसे में अरुण और उनका परिवार इतनी बड़ी रकम जीतकर स्वाभाविक रूप से फूले नहीं समा रहे हैं.


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