प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो फेसबुक पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को लेकर कुछ ऐसी बात कह दी है, जो बहुत से लोगों को आपत्तिजनक लग रही है। कई लोग इसपर कमेंट कर यह भी कह रहे हैं कि देश की शीर्ष अदालत को इसपर संज्ञान लेना चाहिए।
करीब 20 सेकंड के इस वायरल वीडियो में पीएम मोदी एक सभा को संबोधित करते नजर आ रहे हैं। अपने भाषण के दौरान वह किसी बात के संदर्भ में उदाहरण देते हुए सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी एक टिप्पणी करते नज़र आ रहे हैं, जिसे सुप्रीम कोर्ट की छवि खराब करने वाला बताया जा रहा है। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर आईएनसीइंडिया नाम की प्रोफाइल से शेयर किया गया है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो इसी सप्ताह यूपी के संबल में कल्किधाम मंदिर के शिलान्यास के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का है, जिसमें कांग्रेस पार्टी से निकाले गए आचार्य प्रमोद कृष्णम भी मंच पर बैठे दिखाई दे रहे हैं, जो कि इस कार्यक्रम के आयोजनकों में शामिल थे।
वीडियो में मोदी भगवान कृष्ण और उनके मित्र सुदामा का उदाहरण देते हुए दिख रहे हैं। वह कह रहे हैं कि आज के दौर में अगर सुदामा अपने मित्र भगवान कृष्ण को एक पोटली में थोड़ा चावल भरकर दे देते, तो भगवान श्रीकृष्ण के ऊपर भी भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया जाता।
भगवान कृष्ण का वीडियो बन जाता और उनके खिलाफ पीआईएल दायर हो जाती और सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ जाता कि भगवान कृष्ण को भ्रष्टाचार में कुछ दिया गया और भगवान कृष्ण भ्रष्टाचार कर रहे थे।
पीएम मोदी के इस वीडियो की चर्चा सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से हो रही है। कई लोग कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट की छवि धूमिल करने वाली है और जिस तरह राफेल मामले में राहुल गांधी के खिलाफ कोर्ट का एक्शन हुआ था उसी तरह इस मामले में भी पीएम मोदी के खिलाफ लीगल एक्शन होना चाहिए।
बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पूर्व एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने यह कह दिया था कि सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले में गड़बड़ी की बात मानी है, जबकि उस समय तक उस मामले में कोर्ट का कोई निर्णय नहीं आया था।
इस पर भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ याचिका दाखिल कर दी थी, जिसपर सुनवाई करते हुए तत्कालीन CJI रंजन गोगोई, जिन्हें रिटायरमेंट के बाद भाजपा का राज्यसभा सांसद बना दिया गया, की पीठ ने कोर्ट में स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था।
कोर्ट में हाजिर होकर राहुल गांधी ने इस बात के लिए खेद जताया था कि बोलने के क्रम में उनसे तथ्यात्मक चूक हो गई कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की बात कह दी, जबकि कोर्ट का फैसला नहीं आया था। हालांकि इसके बावजूद राहुल गांधी राफेल सौदे में मोदी सरकार द्वारा भ्रष्टाचार किए जाने के अपने आरोप पर कायम रहे थे।
अब पीएम मोदी का यह वीडियो आने के बाद लोगों का कहना है सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में भी वैसी ही कार्यवाही करनी चाहिए, जैसी राहुल गांधी के मामले में की गई थी, क्योंकि मोदी भी कोर्ट के ऐसे फैसले की बात कर रहे हैं, जो उसने कभी दिया ही नहीं और इससे कोर्ट की छवि भी धूमिल हो रही है कि वह इस प्रकार के बेतुके फैसले देता है।
प्रधानमंत्री के भाषण के अंश के वायरल हो रहे इस वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें फिर जो पहला ऑप्शन दिखाई देगा उस पर क्लिक करके वीडियो देखें
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