पाकिस्तान में चुनाव में धांधली के बाद भारी बवाल, सड़कों पर उतरे इमरान के कार्यकर्ता


पाकिस्तान में आम चुनाव में धांधली के किसी भी पार्टी को स्‍पष्‍ट बहुमत न मिलने के आरोप के बाद बड़े पैमाने पर बवाल शुरू हो गया है। सड़कों पर उतरे इमरान खान के कार्यकर्ताओं और पीटीआई के समर्थकों पर पाकिस्तान पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। 

वोटों की गिनती में बड़ी संख्या में इमरान खान समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार बड़ी संख्या में जीतकर आए हैं।हालांकि, पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने अभी तक आधिकारिक तौर पर चुनाव के नतीजे घोषित नहीं किए हैं। मतदान के दो दिन बाद भी सभी सीटों के नतीजे घोषित नहीं हुए हैं और ऐसा लग रहा कि देश त्रिशंकु संसद या गठबंधन सरकार की ओर बढ़ रहा है। इसके चलते आरोप लगाया जा रहा है कि भीतर ही भीतर नतीजों में फेरबदल की साजिश रची जा रही है। 

इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने शनिवार को चुनाव आयोग से आधी रात तक आम चुनाव के पूरे नतीजे घोषित करने को कहते हुए चेतावनी दी थी कि अन्यथा उसे उन क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ेगा, जहां परिणाम अभी आने हैं। 

गौहर अली खान की पार्टी ने दावा किया कि वह केंद्र के साथ-साथ पंजाब और खैबर-पख्तूनख्वा राज्‍य में बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। सबको हैरान करते हुए, जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी द्वारा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने बृहस्पतिवार के चुनाव में नेशनल असेंबली में 101 सीटों पर जीत भी दर्ज की। 

पीटीआई प्रमुख गौहर अली खान ने भी पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) से कहा कि परिणाम में देरी पर पीटीआई समर्थक निर्वाचन अधिकारियों (आरओ) के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे। खान ने कहा कि उनकी पार्टी ने 170 सीटें जीती हैं और इनमें वे सीटें भी हैं, जिन पर पीटीआई को पहले ही विजेता घोषित किया गया था।

खान ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्र के साथ-साथ पंजाब और खैबर-पख्तूनख्वा प्रांतों में सरकार बनाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि पीटीआई के पास मतदान केंद्रों के फॉर्म 45 का प्रमाण है, जिससे पता चलता है कि पार्टी समर्थित उम्मीदवार जीत गए थे, लेकिन चुनाव अधिकारी ने उन्हें असफल घोषित कर दिया।

खान ने सत्ता के प्रतिष्ठानों और न्यायपालिका से लोगों के फैसले को स्वीकार करने की अपील की, जिन्होंने पीटीआई के नारे ‘‘गुलामी अब बर्दाश्‍त नहीं' के लिए मतदान किया। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था और देश इस जनादेश को अस्वीकार किया जाना वहन नहीं कर सकते।'

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